Discipline at its best!

पुलिस की उपस्थिति नगण्य, परंतु भय अनंत… … व्यक्ति का चरित्र तब परीक्षा पर होता है जब कोई देख ना रहा हो. कदाचित अनुशासन इसे ही कहते हैं, जब स्वयंहित हेतु एक नियमबद्ध दैनिक कार्य पद्धति का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए. जब यह नियमबद्ध दैनिक कार्य- पद्धति समाज व देशहित में हो जाए... Continue Reading →

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