Mahakal Temple

अवंतिका में महांकालेश्वर का नया लीला सौन्दर्य – (यात्रा वृतांत) Dr Anil Bhadoria अनंत काल से संस्कृतियां और मानव-समाज की धार्मिक और अध्यात्मिक अवधारणायें उपस्थित है और संभवतः सर्वशक्तिमान ईश्वर की कल्पना, काल से पूर्व की अवधि से शाश्वत रूप से उपस्थित है. समय से विस्तृत, ईश्वर की परिकल्पना मानव की बुद्धि से परे होने... Continue Reading →

First Train

दोंची बचाई के…. इटावा, बुंदेलखंड और ब्रज खण्ड का जोड़ क्षेत्र है जहां बृज और बुंदेली बोली का प्रभाव देखा जाता है. बोली को परिभाषित करें तो भाषा विशेष की शुद्धता के पांडित्य से विचलन है जो आमजन के संवाद की बोलचाल की भाषा बन जाता है. भाषा का वह स्वरूप जो एक छोटे क्षेत्र... Continue Reading →

Minerals You Need.

प्रमुख खनिज तत्व जो हमारे शरीर की गतिविधियों के लिए आवश्यक होते हैं वह 6 हैं कैल्शियम, क्लोरीन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम तथा सोडियम. दूसरी ओर जिन खनिज तत्वों की अल्प याने लेश- मात्रा में आवश्यकता होती है वह 7 है क्रोमियम, कॉपर, क्लोरीन, आयोडीन, आयरन, सेलेनियम तथा जिंक. यह सभी प्रमुख तथा लेश मात्र खनिज... Continue Reading →

Man vs Mind

वायुपुराण में लिखा है- मुंडे मुंडे मतिर्भिन्ना कुंडे कुंडे नवं पय:,जातौ जातौ नवाचारा: नवा वाणी मुखे मुखे. जितने मनुष्य हैं उतने विचार हैं, एक ही स्थान के अलग अलग कुंओं के पानी का स्वाद अलग अलग होता है. एक ही संस्कार के लिए अलग अलग जातियों में अलग अलग रिवाज होता है तथा एक ही... Continue Reading →

Movie Review

शिवा शास्त्री बलबोआ-मूवी समीक्षा भारत की कालजई कथानक शोले फिल्म जैसी हॉलीवुड की रॉकी फिल्म है जो सिल्वेस्टर स्तलियोन द्वारा अभिनीत है तथा 6 संस्करण में प्रकाशित हैइस रॉकी बॉक्सर की शिक्षा से अभिप्रेरित कर देने वाली कहानी से पंडित शिव शास्त्री नामक चलचित्र 2022 में प्रदर्शित है शिव शास्त्री, अनुपम खेर हैं जो रॉकी... Continue Reading →

SriLanka : Awesome Tourist place

जीवन को यदि यात्रा का नाम दें तो किसी स्थान विशेष की जीवंत यात्रा भी जीवन से कम नहीं है। …यात्री हो तो प्रकृति का दर्शन प्रेम विकसित हो ही जाता है और ऐसे यात्री पहाड़ों, जंगलों और नदी - समुद्र से अनजाने में प्रेम विकसित कर लेते हैं। यदि आप थोड़ा सा ध्यान दें... Continue Reading →

Shanichara Temple

शनिचरा, सिद्ध मन्दिर भारत वस्तुतः गांव में बसता है और गांव से ही देश समृद्ध है और गांव के चारों ओर फैले खेत किसान खलिहान से ही अनाज फल सब्जी दूध खोआ घी के साथ साथ गोबर के कंडे इत्यादि की भी पूर्ति निश्चित होती है. इन्हीं गांव में….संस्कृति पनपती है, पलती है पल्लवित होती... Continue Reading →

God’s Own Stories

भगवान की कहानियां कथानक - डॉ अनिल भदौरिया(पृथ्वी नामक स्वर्ग की यात्रा पर ये देवांश)------------ अलौकिक और सर्वशक्तिमान भगवान खूब आनंदित रहते हैं परंतु कभी कभी मृत्युलोक की यात्रा को भी उपस्थित होते हैं और मानव को दर्शन भी देते हैं। यहां द्वैत और अद्वैत का प्रश्न त्याग दें तो ईश्वर के दर्शन का लोभ... Continue Reading →

Ralamandal

विलक्षण संपदा… कहने को तो चढ़ाई की दूरी मात्र 2.5 किलोमीटर है,है भी वह स्थान इंदौर नगर के आगोश में, ऊंचाई भी समुद्र से मात्र 782 मीटर है, वन विभाग का एकमात्र अभ्यारण्य है जो बारिश के मौसम में भी खुला रहता है चढ़ने चलें तो थोड़ी ट्रेड- मिल पर चलने के जैसी अनुभूति करवा... Continue Reading →

Satyam Shivam Sundaram

आदित्याय नमः आज का ब्रह्म विचार- सत्यं शिवं सुन्दरम् - किसी वस्तु या नीति के जाँच की कसौटी प्रस्तुत करने वाला वाक्य है। इसका अर्थ है कि कोई चीज यदि सत्य है, कल्याणकारी है, और सुन्दर है- तभी वह ग्राह्य है।

Janapav:Origin of 7 Rivers

परशुराम जयंती के संदर्भ में आपको आश्चर्य होगा कि भगवान विष्णु जी के इन अवतार का जन्म इंदौर के समीप जानापाव में हुआ था जानापाव मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर के समीप स्थित जानापाव नामक रमणीय स्थल पर जाना हुआ. यह स्थल विंध्याचल पर्वत शृंखला की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित है जो 881 मीटर... Continue Reading →

Kyaripura: Rural Life

अनादि काल से नदियों के समीप सभ्यताएं विकसित और पल्लवित होती रही और नष्ट भी होती रही है. नदियों के किनारे पनपी सभ्यताएं अपनी बोली और भाषा के माध्यम से रस बहाती रही हैं… कहने को तो चंबल नदी, महू इंदौर के पास जानापाव की पहाड़ियों से 7 नदियों के साथ उद्गम होती हैं परंतु... Continue Reading →

Good Deed,Bad Deed

पुण्य प्रश्न, पाप प्रश्न पवित्र माह के आते ही एकाधिक सुधिजन अति कर्मकांडी होते जाते हैं. ईश्वर को मोहित करने को ये मलिन मन, अंतर्मन की यात्रा का बहिर्गमन करते हुए प्रकृति के शुभ आशीर्वाद रूपी फूल पत्ती पौधे पर कुछ यूं झूम जाते हैं जैसे पुष्प समर्पण से ही साकार या निराकार ईश्वर के... Continue Reading →

Family Physician : Have we Lost them?

Family Physicians : Have we lost them? Dr Anil Bhadoria President, IMA, Indore              Once Upon a time, society was known to have a good number of family physicians who were part and parcel of the healthcare system of family structure in Indian society. A Family Physician is an aptly trained & skilled clinician who... Continue Reading →

OsteoArthritis

OSTEO-ARTHRITIS Osteo stands for bone while Arthron pertains to body joints. All inflammatory conditions have been suffixed with word, -itis. Therefore Osteo arthritis is a painful clinical state in and around the joint or joints. It is a degenerative joint disease presenting with Pain, limitation of movement, stiffness, limited flexibility and joint crepitus. In elderly... Continue Reading →

ShriRam:Real or Story

इंदौर के समाचारपत्र दैनिक भास्कर में 26 अक्टूबर 2003 को प्रकाशित श्रीराम काल्पनिक अथवा वास्तविक के नाम से श्रीमती सरोज बाला (जो उस समय दिल्ली में आयकर आयुक्त थी) के द्वारा लिखा गया है जो यहां प्रस्तुत है - हम भारतीय विश्व की प्राचीनतम सभ्यता के वारिस हैं और हमें अपने गौरवशाली इतिहास एवं उत्कृष्ट... Continue Reading →

Truth is Untouchable!?

सत्य अछूत है कलेक्टर कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष हाथ जोड़े खड़ा एक अन्य विभाग का कर्मचारी.गरजे अधिकारी, कहाँ रहते हैं आप?कर्मचारी मौनबोलते क्यों नहीं हैं !शांति.अरे बोलिए भी! आपके बारे में शिकायत प्राप्त है कि आप हेडक्वार्टर में नहीं रहते हैं और ऑफिस के बाद रोज शाम को गाँव चले जाते हैं.शांति.बोलिए ,... Continue Reading →

Cholesterol: Friend or Foe !?

“CONTROL CHOLESTROL IN JUST 7 STEPS” Cholesterol is an essential substance of human life which chemically is a monohydric alcohol C27H45OH, Sterol which is present in animal tissues like Egg Yolk, various oils, fats, liver, kidneys adrenal glands, nerve tissues of brain and spinal cord. Though this term cholesterol sounds dreadful but is beneficial for... Continue Reading →

Care, small vendor.

……दरी….. दरी ले लो दरी …माताजी दरी ले लीजिए…नहीं भैया, जरूरत नहीं है है हमारे पास.माताजी गलीचा ले लो बेडशीट ले लो तकिए के कवर ले लो …नहीं भैया नहीं चाहिए परेशान मत करो.माता जी थोड़ी सी दया हो जाए… दरवाजे पर खड़ा एक बुजुर्ग जिनकी दाढ़ी भी सफेद हो चुकी थी, घर की मालकिन... Continue Reading →

Rat Again

पुनः मूषक भव…. ….आज बड़ा पर्व है ऑफिस में बड़े बाबू याने कार्यालय के अधीक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं. इसलिए 15 वर्षों से इस महत्वपूर्ण महकमे के पुरोधा बड़े बाबू धुरी की भांति पूरे विभाग के समस्त कर्मचारी अधिकारी और डील्स को निपटाने के सिद्धहस्त माने जाते थे आज षष्टिपूर्ति के दिन ही विदाई थी।... Continue Reading →

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