Surprise Rain & We the Victims

अचानक बारिश और हम शिकायती आज ४ मई को दोपहर १ बजे तक भतेरी गर्मी थी और इंदौर के लाल, लाल हो रहे थे कि इस इंदौर में कितनी गर्मी पड़ रही है इस बरस. लहजा, शिकायती जैसे पहली बार ही ४०-४२ का तापमान देख रहे हैं.झुनझुनाता, भुनभुनाता और यूं ही सिर हिलाता लाल पीला... Continue Reading →

PreGym Investigations

405 जिम आरम्भ करने से पूर्व क्या जाँच करें? क्षय रोग यानी ट्यूबरकोलोसिस (टी.बी.) से पीड़ित 13 साल के बच्चे का परीक्षण करते समय पूछ लिया मैंने कि क्या बनना चाहते हो?बॉडी बिल्डर! उत्तर आया.कैसे बनोगे?जिम जाऊंगा. उत्तर आया.अचंभित हो गया मैं यह सुनकर क्योंकि मैं आशा कर रहा था कि इस श्रमिक पुत्र का... Continue Reading →

Respect Is Eternal

आदरणीय, आप, तुम, तू से तू-तू, मैं-मैं तक... भीड़ चीरकर आगे पहुँच मैंने, टिकट खिड़की पर बैठे सज्जन पुरुष से कहा, आदरणीय, क्या आप मुझे दो टिकट दे पाएंगे ? नो सर, शो इज फुल्ली सोल्ड आउट! टिकट विक्रेता ने अंग्रेजी में संवाद किया. मैंने अंतिम प्रयास कर कहा, देखिए कुछ सहायता कीजिए ना, आप... Continue Reading →

Raichand, Gyanchand, Karmchand & So On.

वर्ण व्यवस्था की कितनी भी आलोचना की जाए, यह तो तय ही है कि प्रत्येक व्यक्ति में परिवार-समाज की सुरक्षा का क्षत्रीयत्व भाव की उपस्थिति अनिवार्य है. उसके साथ ज्ञान के अर्जन व व्यावहारिकता में ब्राह्मणत्व भाव की विभिन्न मात्रा में उपस्थिति न केवल दृष्टिगोचर होती है बल्कि आवश्यक भी है. इसी प्रकार मानव, व्यावसायिक... Continue Reading →

Columbus USA

City Profile & Review Blog 402 COB, Cummins Home A small town with global headquarter positioning of a multi billion company. Guess the company. Cummins Inc! This big company is situated in Midwest of USA in city of Columbus, after Spanish seller, Christopher Columbus, who was on way to India reached North America in 17th... Continue Reading →

As is the King, So are the People.

यथा राजा तथा प्रजा Blog 401 यथा राजा तथा प्रजा की कौटिल्य जनित उक्ति के संदर्भ में भारतीय परिवेश, मानस और परिदृश्य तीनों का आज के संदर्भ में दृष्टि दृश्य और दृष्टा की प्रस्तुति भिन्न प्रतीत होती है. कहने को यह व्यक्तिविशेष के महिमा मंडन का प्रयास प्रदर्शन हो सकता है परंतु यथा राजा तथा... Continue Reading →

Revenge!

Blog No. 400 बदलानैतिक कहानी स्वास्ति, विदेशी प्रतिनिधिमंडल से जॉइंट वेंचर की बैठक है, तुमको ही लीड करना है और डील क्लोज कराना है. स्वास्ति, स्टाफ को दिवाली गिफ्ट देने का निर्णय तुमको लेना है कितना बजट चाहिए बता देना स्वास्ति, पदोन्नतिके अभ्यर्थियों के वेतन पात्रता का आंकलन कर के मेल कर देना स्वास्ति, टर्न... Continue Reading →

Mammoth Caves USA

Blog 399 विराट और विहंगम गुफाओं का संजाल -अमेरिका की प्राकृतिक धरोहर, मैमथ केव्स राष्ट्रिय उद्यानस्थान- केंटकी राज्य(साउथ-सेंट्रल) बह रहा है,सब कुछ प्रवाहित हो रहा है.समय, पानी, हवा, सूरज और चाँद सब.सबकी एक सुनिश्चित चाल है.कोई मंथर, कोई धीमे तो कोई द्रुत गति से.परंतु सब चलायमान.बह रहे हैं.यहाँ तक की स्थिर प्रतीत होते पर्वत-पहाड़ भी.गति... Continue Reading →

Be Merry, Get Married.

Blog 398 मुझे विवाह नहीं करना, पिता को संतान ने सूचना दी.नहीं करना अथवा अभी नहीं करना… पिता ने प्रश्न किया.जो चाहे आप समझे पापा. संतान ने रुख अस्पष्ट बने रहने दिया.दोनों अलग अलग परिस्थितियां है, पिता का स्वर सामाजिक रचना से गुथा हुआ था. सन्नाटा. पिता ने गहरी सांस ली और कहना आरंभ किया.... Continue Reading →

Sick or Health: Simple Measures

Blog 397 क्यों बीमार होने लगे हैं, हम अब हर आयु में … डॉ अनिल भदौरिया आज के आधुनिक दौर में जब विज्ञान के अतिशय विकास से संचार यातायात और विज्ञान के आयाम, “ना भूतो न भविष्यति” के स्तर पर दिखाई पड़ते हैं तो मानव शरीर में आए परिवर्तनों के माध्यम से जीवनशैली रोगों का... Continue Reading →

Car Saga

CAR SAGA- पिछले 100 वर्षों से कार के प्रति प्रेम स्नेह लोभ मोह ने एक अभिनव यात्रा तय की है जिसे शब्दों में गढ़ पाना कठिन है. चार पहियों पर कार का विज्ञान धन तंत्र और मंत्र तंत्र दोनों पर घात प्रति का सुंदर परिचायक है. यूँ तो लो-फ्लोर, एसयूवी, सिडान, हैचबैक जैसी विभिन्न उत्पाद... Continue Reading →

Happy, Go Lucky

Blog No 394 HAPPY GO LUCKY - आज आपके भीतर उपस्थित ऐसे चार मित्रों की चर्चा करते हैं जो आपके मस्तिष्क और पाचन तंत्र में उपस्थित होकर आपको निरंतर शारीरिक-मानसिक और भावनात्मक स्तर पर सवस्थ बनाए रखने का कार्य करते हैं. कहने को तो ये रासायनिक तत्व है और न्यूरो-ट्रांसपोर्टर हार्मोन हैं परन्तु इन्हें हम... Continue Reading →

Grand Canyon USA, A Legacy

ग्रैंड कैनियन – अमेरिका में लाखों वर्ष पुराना घाटी सौंदर्य सजीव का सौंदर्य नित्यप्रति परिवर्तन शील है और विभिन्न रंगों से आलोकित भी. परन्तु पत्थरों का सौंदर्य वनस्पति जगत के पुष्पों और पर्णों की तुलना में निर्जीव होने के बाद भी हजारों बर्षो से सजीव प्रतीत होता है. रात्रि काल के स्याह समर में पत्थरों... Continue Reading →

Stooping Low is the Guarantee, to good heights!

पैर छूने की कला, करे सब का भला सम्मान देने और आदर भाव प्रकट करने की भारत की पुरातन परंपराओं में से एक, पूज्य के चरण छूने की है. यह सत्कार का आरंभिक रिवाज कई बार, ग्रामीण क्षेत्र में पांय-लागी कहने मात्र से अथवा वाक़ई में झुककर पाँव छूने की परंपरा से प्रदर्शित होती है... Continue Reading →

Get Rid Of Corruption!

मेरा जारी रहे बाकी देश से समाप्त हो भ्रष्टाचार – हो गई है पीर पर्वत-सी, पिघलनी चाहिए,अब देश से रिश्वत की अर्थी निकलनी चाहिए. दक्षिण पूर्वी महाद्वीप के भारतीय मूल के नागरिक जुगाड़ प्रिय होने के साथ-साथ अपनी सुविधा के प्रति बड़े सम्वेदनशील होते हैं और जब मुद्रा-राक्षस संबंधी विषय प्रस्तुत हो तो स्वाभाविक रूप... Continue Reading →

Just a bit of Discipline: Civic Sense

चुटकी भर अनुशासन – नागरिक संहिता उम्र में बड़ा या छोटा, स्त्री या पुरुष, नया या पुराना वाहन-चालक सबसे पहला अपराध सड़क पर वाहन चलाते समय करता है चाहे वह छोटा अपराध ज़ेबरा क्रासिंग पार करने का हो या रुकने का संकेत करने वाली लाल बत्ती हो या चंद क्षण बचाने का गलत दिशा में... Continue Reading →

Lie Rules, Truth lasts!

Blog No 390 असत्य का बोलबाला, सच्चे का ……, समझ तो गए होंगे. असत्य की दुकान इतना चलती है कि सत्य बेचारा होकर रह जाता है. अभी फ़िलहाल में संपन्न देश के आम चुनाव में राजनेता तो छोड़िए एग्जिट पोल में आम मतदाता ने भी झूठ का बड़ा दामन थामा और अपने मताधिकार का किसके... Continue Reading →

Movie Review: Like Father

Watching Movies May be a pastime yet every celluloid depicts a message be it right or wrong. Life is so interwoven in relationships nobody knows when and how a relation tanks deep down. A family saga is presented in this 2018 movie LikeFather where in a sour relationship between daughter and father is presented in... Continue Reading →

Bougainvillea

क्या गचगचा के फूलेये कागज के फूलचेतना से ऐसे भूलेहर्षित भी हुए शूल क्या लहरा के फूलेये रंग बिरंगे आकृतिहमको भी साथ ले लेयाद रखें या विस्मृति

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