Medical Education

MEDICAL EDUCATION – NOT IN PINK STATE OF HEALTH Dr Anil Bhadoria, President, IMA Indore The science of healing has been considered a noble profession of service. Since ancient times, civilizations had the first and foremost aim to practice this Science under the oath to serve and to charity. Around 300 years ago, the then... Continue Reading →

Defensive Medicine

DEFENSIVE MEDICINE: SPECIALITY OR A STATE OF MIND.. DR ANIL BHADORIA, Indian Medical Association Indore MP Everything can be purchased and so also health and health services. But, Time changed from an old era when health services were scarce and available medical facilities were thin. Scene has changed now and also the Mindset. It is... Continue Reading →

Begging, An Art Science & Psychology

भीख माँगना कला भी विज्ञान भी मनोविज्ञान भी व्यक्ति के स्तर से लेकर देश के स्तर तक भीख मांगने का उद्योग अनादि काल से प्रचलन में है जो बिना आरक्षण हर वर्ण, जाति, रंग के नागरिकों द्वारा देश की सीमा से परे हर मानस का एक अनमोल हिस्सा है जो यदा कदा एन केन प्रकारेण... Continue Reading →

Doctors Ain’t God.

Doctors Ain’t God! Think of them as Just Human! Dr Anil Kumar Bhadoria IMA Indore In two hundred years of Allopathy, i.e. modern pattern of healing has created wonder drugs, injections, vaccines, and state of art surgical skills to save millions of lives and give quality life all across humanity. Therefore, since last century, doctors... Continue Reading →

Expiry Date

दवाई की एक्सपायरी डेट का भय सरकारी अस्पताल में, मैं व्यवस्था का राउंड ले रहा था कि एक जवान सज्जन मेरे सामने उपस्थित हो गए, ....क्या डॉक्टर साहब आपकी ओपीडी में कंडोम तक नहीं है !! लॉकडाउन के बाद की स्थिति के कारण हमारे कंडोम सप्लाई में बाधा आई है इसलिए कंडोम नहीं है, ऐसा... Continue Reading →

DM vs MD

कलेक्टर विरुद्ध डॉक्टर - तंत्र बीमार भरी सभा में अपने साथी डॉक्टर को डांट देना भी एक पीड़ित कला है जहां पक्ष और विपक्ष दोनों पीड़ित हो जाते हैं. अभी हाल ही में कोरोना महामारी के संबंध में आयोजित एक महती और बड़ी बैठक में भरे कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला कलेक्टर आंध्र प्रदेश ने भरी... Continue Reading →

Experience Prevails.

डॉक्टर – चाचा और गाँव की धरोहर क्यों, बड़ा शहर छोड़ कर अब इस बुढ़ापे में गांव आ रहे हैं चाचा?न जाने क्यों, बोले अब गांव के घर में ही रहूंगा और बाग बगीचा खेत खलिहान देखूंगा…. पिता-पुत्र का यह संवाद बम के गोले की भांति ठाकुर परिवार पर गिरा, जिनके डॉक्टर-चाचा अब शहर से... Continue Reading →

Loan or What!?

लोन दान या दान का लोन ….पूछ बैठी एक दिन पत्नी मेरी यह एन.पी.ए. क्या होता है? ….. कह ही दिया मैंने, यह एक प्रकार का दान होता है ऐसा दान जो छीन कर लिया जाता है. ऐसा दान जो शीर्ष सत्तके सीने पर मुक्के मार कर बैंक की चेस्ट से लोन के रूप में... Continue Reading →

American Sniper

अमेरिकन स्नाइपर क्रिस काइल अमेरिका के सैन्य टुकड़ी नेवी सील के अचूक निशानेबाज पर यह फिल्म बनी है जिसे हालीवुड के मूर्धन्य चलचित्र निर्माता क्लिंट ईस्टवुड द्वारा सन 2014 में बनाया था क्रिस काइल की जीवनी पुस्तक अमेरिकन स्नाइपर जो 2012 में प्रकाशित हुई थी. 1974 में जन्मे क्रिस्टोफर काइल की इराक में युद्ध काल... Continue Reading →

Medicine : Art or Science

PRACTICE OF MEDICINE: AN ART OR SCIENCEDR ANIL BHADORIAPRESIDENT IMA, INDOR BR A medicine that cares or cures, helps or heals has an even greater consequence for humanity but unlike physics or chemistry, the subject of medicine is not a pure science. It's a perfect science and is uncertain too. The trivial question is whether... Continue Reading →

Remedy for Govt Hospitals

सरकारी अस्पतालों को समाज से उम्मीद भारतीय समाज की अर्वाचीन परंपरा रही है सहयोग करने की, फिर भले ही वह शारीरिक हो या आर्थिक ही क्यों ना रहा हो. प्राचीन काल में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर ओ.पी.डी. स्तर पर ही उपलब्ध रहता था तथा उस काल में युवावस्था में मौतों का प्रतिशत भी अत्यधिक रहा... Continue Reading →

Advertising in Health Sector : Unhealthy Trend.

विज्ञापन आधारित औषधि और स्वयंभू उपचार – खतरनाक हो सकता है.   व्यवसाय शास्त्र के चलन में कहा जाता है कि यदि आपका व्यवसाय नहीं चल रहा है तो विज्ञापन कीजिए और यदि आपका व्यवसाय अच्छा चल रहा है तो विज्ञापन कीजिए यानी कमोबेश हर स्थिति में प्रिंट मीडिया ओर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के  माध्यम से,... Continue Reading →

Cyber Crime: Beware

साइबर क्राइम के इस दौर में जब प्रत्येक हाथ में एक स्मार्टफोन है, लचीला और सस्ता इंटरनेट का कनेक्शन है तब धोखाधड़ी करने वाले आपराधिक शार्क और मगरमच्छों के बीच आपकी - हमारी स्थिति 32 दांतो के बीच में जीभ जैसी हो जाती है … कि रहना भी साथ साथ है और बचने की कला... Continue Reading →

Discipline at its best!

पुलिस की उपस्थिति नगण्य, परंतु भय अनंत… … व्यक्ति का चरित्र तब परीक्षा पर होता है जब कोई देख ना रहा हो. कदाचित अनुशासन इसे ही कहते हैं, जब स्वयंहित हेतु एक नियमबद्ध दैनिक कार्य पद्धति का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए. जब यह नियमबद्ध दैनिक कार्य- पद्धति समाज व देशहित में हो जाए... Continue Reading →

Electioneering

चुनाव - जोड़ता है कि तोड़ता…. भारत का यूएसपी अर्थात यूनिक सेल प्वाइंट है चुनाव। भारत जैसा संसाधनों से भरपूर देश चुनाव की खेती का जोरदार लाभ का व्यापार है। जहां 5 वर्षों के कार्यकाल के लिए स्वयम्भू वीर, आत्ममुग्ध योद्धा और बाहुबल के रण- बाँकुरे और संत आत्माएं अपनी भुजा और सेवा भाव का... Continue Reading →

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