"आत्मा से मिलने जाता हूं…"----------- सोचता नहीं, क्या कुछ होने को,भोर को मैं जल्दी उठ जाता हूं.उगते सूरज की लालिमा देखने,काया भूल, आत्मा से मिलने जाता हूं आलस को तज, फुर्ती के आगोश में,भास्कर के सौंदर्य दर्शन को आता हूँ.पग पग बिखरा पड़ा नैसर्गिक,नैन औ मन तृप्त करने दौड़ जाता हूँ श्वेत श्याम रोज, स्वर्णिम... Continue Reading →
Janapao
आज परशुराम जयंती है और आपको आश्चर्य होगा कि भगवान विष्णु जी के इन अवतार का जन्म इंदौर के समीप जानापाव में हुआ थाकभी ये आलेख लिखा था, आप भी इस रमणीक स्थल के वर्णन का आनंद लीजिये जानापाव मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर के समीप स्थित जानापाव नामक रमणीय स्थल पर जाना हुआ. यह... Continue Reading →
King Richard
Movie 🎥 Review:King Richard- The remains an Old saying that after a successful man, there is always a hard-working woman.It is also right on the other way as well, when you watch this movie, King Richard.Watching a life saga is altogether a different experience where in the Cream of struggle is minced with unstoppable passion,... Continue Reading →
Little Vendor
……दरी….. दरी ले लो दरी …माताजी दरी ले लीजिए…नहीं भैया, जरूरत नहीं है है हमारे पास.माताजी गलीचा ले लो बेडशीट ले लो तकिए के कवर ले लो …नहीं भैया नहीं चाहिए परेशान मत करो.माता जी थोड़ी सी दया हो जाए… दरवाजे पर खड़ा एक बुजुर्ग जिनकी दाढ़ी भी सफेद हो चुकी थी, घर की मालकिन... Continue Reading →
Wild flower
कहने को तो जंगल का फूल हूं,उन्मुक्त यथा धरती की धूल हूं..मानो तुम भी यह जंगल मेरा घर,और जड़ों से जुड़ा मैं निर्मूल हूं.. मुझ फूल का घर, जंगल तुम्हारा,जीवन एक सा मुझ में तुझ में…उर्जा की बहती धारा मेरे घर,ये जंगल या तुम्हारे घर मेरा जंगल…
19-20-21
कभी सोचता हूं कि लोगों को एक श्रेणी के लोग क्यों अधिक पसंद आते हैं …….उसका कारण यह भी समझ में आता है कि आमतौर पर आम लोग अपने से 19 लोगों में रहना ज्यादा पसंद करते हैं और कुछ खास किस्म के लोग होते हैं जो अपने से 21 लोगों के साथ में रहना... Continue Reading →
Sun D
गुणकारी धूप - ये जो आप, धूप से बचते हो,तत्व विशेष की कमी करते हो…कमजोरी औ थकान को भोगते हो,डी, की औषध का फिर सेवन करते हो… जो धूप में तपोगे,यदा कदाडी, तो बना ही लोगे सदा..पसीने से तर हो गये गर,डेटोक्स भी कर लोगे सदा… गुणकारी धूप, अस्थि बलवान करे,जो रहे धूपा, बूढ़े को... Continue Reading →
Bagh Tanda Caves
बौद्ध गुफाएं - बाघ टांडा (धार) की धरोहर- अनादि काल से भवन निर्माण प्रयोग का विषय रहा है परंतु रहवासी भवन की कल्पना से कहीं जटिल है किसी ध्यान- स्थल की रचना करना और जब बात आज से 1600 वर्ष पूर्व की हो तो कल्पना के दायरे में आज का मानस उस काल के मानस... Continue Reading →
Sun Almighty
आज के प्रातः दर्शनम, दिनकर, रवि, भास्कर, प्रभाकर, दिवाकर, आदित्य, भानु, सूरज, पतंग, मार्तण्ड, सविता, तरणि, मरीची, अंशुमाली, अर्क, दिनेश, हंस, खगाय, मित्राय..
Peacock
मयूर, शिखी, कलापी, सितापांग, नर्तकप्रिय, मेहप्रिय, केक, नीलकंठ, शिखावल, सारंग, ध्वजी…और प्रकृति की लीला… छात्रवत, शिक्षण संस्थान में प्रवेश करते हुए…
Energy is the Soul Key
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः । न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ॥अध्याय २ श्लोक २३ श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं: इस आत्मा को शस्त्र काट नहीं सकते हैं और अग्नि इसे जला नहीं सकती है | जल इसे गीला नहीं कर सकता है और वायु इसे सुखा नहीं सकती है... Continue Reading →
Magical 56…
56 के अंक का भी गिनती में एक विशेष स्थान है जहां 56 इंच का सीना और तेरे जैसे 56 देखे हैं जैसे लडाकू वाक्य आमजन की बोलचाल में स्थापित है तो 56 भोग की उपमा भोजन की उच्चतम श्रेणी को प्रस्तुत करता है जो भगवान को समर्पित हो. मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में... Continue Reading →
Freebies: Good or Very Good?
रेवड़ी का लोक: गूंगे का गुड रेवड़ी का संसार भारत की अपनी धरोहर है जो भोजन तत्व होने के साथ साथ सत्ता प्राप्ति का मार्ग भी है. रेवड़ी कहने को तो शुष्क प्रकार की शक्कर और तिल की मिठाई है जो अनादिकाल से भोजन में उप-आहार की भान्ति प्रस्तुत होता रहा है. परंतु जब तक... Continue Reading →
First article:5 Nov 1998
Healthy articles in Newspaper around 26 year ago
Toolsidas Jr
Movie Review:Toolsidas Jr जीवन के संघर्षों पर आधारित कोई घटनाक्रम एक चलचित्र के माध्यम से देखने का संयोग हो जाए तो यह बड़ा सुखद अनुभव होता है उस पर खेल से संबंधित एक छोटे बच्चे के त्याग की भावना के साथ अपने पिता की साख को पुनः स्थापित करने का परिश्रम यदि सेल्लुलोईड पर उतार... Continue Reading →
Jovial Jungle
रणथम्भौर का जंगल- जंगल अपने आप में एक पूर्ण इकाई होकर न केवल पृथ्वी की अनमोल संपदा है बल्कि मानव जाति और समाज के लिए भी अमूल्य धरोहर है. जंगल से वनों उपज के साथ-साथ प्राणवायु भी 12 महीने प्राप्त होती हैं और यदि अवकाश काल में जंगल की यात्रा हो और जंगल की अनुपम... Continue Reading →