Columbus, Indiana

Columbus Indiana: City of Contented Joy A small town with global headquarter positioning of Cummins Inc is situated in Midwest of USA named as Columbus, after Spanish seller, Christopher Columbus, who was on way to India reached North America in 17th century. Columbus is situated in mid west of USA which is around four hours... Continue Reading →

Blessings

वरदान - मांगो वरदान, प्रकट हो भगवान बोल बैठे एक नास्तिक से. आश्चर्य में डूबे नास्तिक के नैन, हृदय, मस्तिष्क सब चुंधिया गए, विचार शून्य हो जैसे अंधकार में अंधे हो गए हो. ज्योतिपुंज से आलोकित निराकार ऊर्जा रूप में भगवान, नास्तिक की भाषा में फिर बोले… मांगो वरदान, अभक्त तो जैसे बस किंकर्तव्यविमूढ़ हो... Continue Reading →

Konark, Worthy place.

अहोभाग्य कोणार्क, द्रष्टि हटाये न हटे! इतिहास हमारी धरोहर है और इस युग में रहते हुए कुछ पल के लिए इतिहास में परे जा कर इतिहास को जी लेना एक साहसिक पर्यटन है. जगन्नाथ पुरी के पास भुवनेश्वर ( उड़ीसा ) में सूर्य मंदिर कोणार्क 800 साल पुरानी एक अनमोल धरोहर का प्रतीक है जहां... Continue Reading →

Discipline at its best!

पुलिस की उपस्थिति नगण्य, परंतु भय अनंत… … व्यक्ति का चरित्र तब परीक्षा पर होता है जब कोई देख ना रहा हो. कदाचित अनुशासन इसे ही कहते हैं, जब स्वयंहित हेतु एक नियमबद्ध दैनिक कार्य पद्धति का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए. जब यह नियमबद्ध दैनिक कार्य- पद्धति समाज व देशहित में हो जाए... Continue Reading →

शून्यता भली, गिनती से

शून्यता भली, गिनती से…. बारिश में रहोभिगो नहींतपन में रहोजलों नहींतनहा भले रहोलड़ो नहींमस्ती में रहोसहो नहींदौड़ते रहोथको नहींयात्रा में रहोपहुंचो नहींआकाश रहोउड़ो नहींजमीन रहोजुड़ो नहींभक्त रहोचाहो नहींउम्मीद रखोटूटो नहींपढ़ो और बढ़ोरुको नहींप्रयास में रहोसमेटो नहींप्यार में रहोडूबो नहींप्यासे रहोतड़पो नहीडूबो भलेउलझो नहींतैरते रहोललचाओ नहींचैतन्य रहोमगन नहींलीन रहोनशेंमन नहींयात्री रहो,ठहरो नहीं।शून्यता में रहोगिनती में नहीं।

Ideal Man

आदर्श पुरुष हूं मैं …..आदर्श पुरुष हूं मै.यह घोषणा है या सूचना !……यह वक्तव्य है फिर चाहे तुम जो समझो प्रिये.आप अपने को आदर्श घोषित कर रहे हो ?……हां यही समझ लो .रविवार की दोपहर गुनगुनी धुप में बैठे पति पत्नी का संवाद चल रहा है जिसमें पति गीता ज्ञान नामक पुस्तक पढ़ते पढ़ते ये... Continue Reading →

Electioneering

चुनाव - जोड़ता है कि तोड़ता…. भारत का यूएसपी अर्थात यूनिक सेल प्वाइंट है चुनाव। भारत जैसा संसाधनों से भरपूर देश चुनाव की खेती का जोरदार लाभ का व्यापार है। जहां 5 वर्षों के कार्यकाल के लिए स्वयम्भू वीर, आत्ममुग्ध योद्धा और बाहुबल के रण- बाँकुरे और संत आत्माएं अपनी भुजा और सेवा भाव का... Continue Reading →

Janapao Tour

जानापाव इंदौर के समीप स्थित जानापाव नामक रमणीय स्थल पर जाना हुआ है यह स्थल विंध्याचल पर्वत शृंखला की सबसे ऊंची चोटी है पर स्थित है जो 88 1 मीटर की ऊंचाई पर चारों ओर पहाड़ियों से गिरा ऐतिहासिक स्थल है जहां मान्यता अनुसार विष्णु रूप भगवान श्री परशुराम का अनादिकाल में जन्म हुआ था... Continue Reading →

Alcohol – Bliss or Burden

शराब की सवारी - वर्जना या वरदान शराब से संबंधित प्रत्येक बात भारतीय समाज में सामाजिक बुराई है …यदा-कदा यह बात कही जाती है कि वैज्ञानिक स्तर पर शराब पीने के लाभ भी हैं जो हृदय रोग से बचाने में कारगर हैं. हो सकता है कि यह सत्य हो परंतु शराब की उपस्थिति शरीर में... Continue Reading →

THINK, THINK, THINK TANK…

I think, thinking is a very serene process as what to think is like grabbing a bull by the horns. And subsequently, a thinker then runs amok without a focused direction just like a Sodium piece runs on Water.

DRUG DICE: GENERIC, BRANDED etc

My professor of medicine used to say in our medicine subject class, that living a human life that too without a bacteria called Entamoeba infested In the Intestine is next to impossible in India. In the same way no Indian is seen now, not living without ingesting a chemical composition...

No Charity

SHOULD DOCTORS SAY NO TO CHARITY ... The title may not sound good enough but doctors have been pushed to wall in this testing times. All through Covid pandemic as people from all walks of life continue to come forward with a scalpel to cut across this community of doctors with their criticism and to... Continue Reading →

Five elements and Modern Technology merged together and this is the Show par excellence. Isn’t it??

Visit to a farm for Blackberry Picking

फल बाग की यात्रा- 13 अगस्त 2023 को मिडवेस्ट में स्थित ओहायो राज्य की सिनसिनाटी शहर में स्थित एक फल बाग में जाने का अनुभव हुआ भारत से लगभग 3:30 गुना भूभाग के स्वामी तथा कम जनसंख्या के कारण खेतों के आकार यहां अमेरिका में अति वृहत् हैं  अर्थात जितनी दूर तक दृष्टि जाए वहां... Continue Reading →

डेटन एयर शो – देश की शक्ति का अलौकिक प्रदर्शन

मां कहती थी कि दिन भर अच्छी बात ही बोलना, न जाने कब जिह्वा पर देवी सरस्वती का वास हो जाए और कहा हुआ सच भी हो जाएउसी प्रकार, अच्छी इच्छा करते रहो…. कामना करते रहो, ना जाने कब प्रभु लीला के कानों में श्रवण हो जाए और मंशापूर्ण हो जाए. ऐसा ही कुछ मेरे... Continue Reading →

आम के तोते, तोते के आम

आम के तोते, तोते के आम.... शहर के मध्य में स्थित एक मध्यमवर्गी कॉलोनी जिसमें अधिकतर नौकरपेशा रहवासी.कुल जमा १८५ मकान, छोटे बड़े मिलकर, कुल जमा ३ पार्क, छोटे प्लाट, संकरी सड़कें किन्तु साफ़ सुथरा रहवास. भौतिकता की दौड़ और धन का प्रचुर प्रवाह या यूं कहें किम्हणत और शहर का शहर का बाहर की... Continue Reading →

प्रभु का आरक्षण तंत्र ….

प्रभु का आरक्षण लघु कथा.... ओहो.....कब लौटे? कल रात, देवी दर्शन कर लौटा तो सबसे पहले आपको ही प्रसाद की थैली समर्पित है, प्रभुजी। स्वीकार कीजिये.... धन्यवाद, धन्यवाद। मेरे अनुज जैसे मित्र की देवी दर्शन यात्रा के बाद का संवाद चल रहा था। चाय नाश्ता होने तक, मित्र अनवरत अपने जाने का, दर्शन लाभ का... Continue Reading →

खेत में भगवन

खेत में भगवन.... खेत को जाते समय एक किसान की ईश्वर से मुलाकात हो गयी. किसान को किसान जैसे ही दिखे भगवन. उसे कतई आश्चर्य न हुआ. वो तो किसान ने भगवन को तब पहचाना जब उसने खेत में बुआई की और कहा कि, प्रभुजी, समय से बारिश दे देना. भगवन ने सुन ली होगी... Continue Reading →

कहाँ हैं ईश्वर ? !

कहाँ हैं ईश्वर ? ईश्वर हैं तो सामने लाओ! पूछ बैठा मेरा पोता. ....सब परिकल्पना है, कपोल कल्पित, भरमाने का और डराने का कथानक कि भगवन, किसी रूप में हैं और वे अनादिकाल से प्रथ्वी नामक मृत्युलोक में  आते हैं ,लीला करते हैं , दुष्टों का संहार करते हैं, ज्ञान चर्चा करते हैं और फिर... Continue Reading →

बरगद का दर्द

बरगद का दर्द अंग्रेजों के ज़माने से मैं सीना ताने खड़ा हूँ. मैं बरगद !!! कहने को तो मैं एक पेड़ मात्र हूँ....उर्जा का सबसे अद्भुत स्त्रोत भी हूँ 150 बरसों से मैं खड़ा हूँ यहाँ आर्याव्रत की भूमि पर जब गाँधी का जन्म भी नहीं हुआ था. मेरे साथ रहे कई बुजुर्ग वृक्ष काट... Continue Reading →

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