Eternal Ayodhya : Ram Mandir

अलौकिक अयोध्या- अनादिकाल से अयोध्या एक ऐसे अलौकिक प्रतीक के रूप में स्थापित रहा है जो राज-सत्ता और आध्यात्म के साथ साथ सामाजिक व्यवस्था को स्थापित करने का हेतु कार्यशील है. अयोध्या का शाब्दिक अर्थ भले “जहां युद्ध न होता हो” परंतु प्रकृति की लीला का प्रभाव से अयोध्या कभी अछूती नहीं रह पाई है.... Continue Reading →

Gaur Gopal Das

Motivational Speaker Gaur Gopal Das Session By Free Press: Session on 2 March 2024 Though Guru Gour Das Ji is very much available nowadays on virtual platforms but listening him live before your eyes is like having a delicacy of best kind that gives not only a soothing effect to visual cortex in our Brain... Continue Reading →

Ramakatha Saar

रामायण का पाठ और शिक्षा :   क्षत्रिय धर्म: समाज में शुद्धता की स्थापना और रक्षा के धर्म पालन के लिए राजधर्म से हथियार उठाकर युद्ध को प्रस्तुत होने पड़े तो अपनी संतान को भी आगे भेजो. विश्वामित्र के आव्हान पर अयोध्या राजा दशरथ ने आपने अबोध और युवा बालकों राम-लक्ष्मण को 16 वर्ष की... Continue Reading →

Salvation

….सद्गति रहना तू तैयार सदा,उस अंतिम यात्रा को.भूल न जाना कभी,परम हो जाने को. एक सार होना है कभी,मिटटी हो जाने दो.सब छूटेगा कभी ये साथ, भवलीन होने को. भले दौड़ो तेज कभी,भूलो नहीं रुकने को. माया अनंत संसार परक,खूब मन लुभाने को. मद मोह लोभ है क्षणिक,तुझे भरमाने को. भोर भई सांझ ढली,कर्म नित्य... Continue Reading →

Ram Rasayan

Hanuman Chalisa has been a pillar stone to any Sanatani and when one recites he feels like having a spurt of energy all through his body. Two phrases from Hanuman Chalisa have been cornerstones. No. 1राम काज क़रीबे को आतुर(Ram kaaj Karibey Ko Atur)meaning that Hanuman ji is always ready for any assignment given by... Continue Reading →

Temple of Eternity: Mahakaal

अवंतिका में महाकाल मंदिर - नये स्वरूप में लीला सौंदर्य (यात्रा वृतांत) अनंत काल से संस्कृतियां और मानव-समाज की धार्मिक और अध्यात्मिक अवधारणायें उपस्थित है और संभवतः सर्वशक्तिमान ईश्वर की कल्पना, काल से पूर्व की अवधि से शाश्वत रूप से उपस्थित है. समय से विस्तृत, ईश्वर की परिकल्पना मानव की बुद्धि से परे होने पर... Continue Reading →

72 & it’s Metaphysical Magic

72 & its metaphysical magic मानव की धुरी और जीवात्मा का सार, एकमात्र ह्रदय ही है और वह अपनी 72 बीट प्रति मिनट की दर से इस रोचक अंक को स्थापित करता है.यह 72 का अंक कई क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति से चकित करता है. 72-72 के हृदय स्पंदन की संख्या एक व्यक्ति सामान्य व्यक्ति... Continue Reading →

Temple in Jungle

झाड़ उखाड़ हनुमान मन्दिर- कहीं कोई स्वप्न आए और उस स्वप्न के दिशा निर्देशों से ईश्वर के साकार रूप की स्थापना हो और ईश्वर की उपस्थिति भी चहुं-और जादुई परिस्थितियों से स्थापित हो तो इसे चमत्कार की श्रेणी में रखे जाने का प्रत्येक कारण है …ऐसा ही एक घटनाक्रम इंदौर के दक्षिण में इंदौर-देवास की... Continue Reading →

Fire: Virtue

आग अधिकारी है जलाकर राख करें तमसो मा ज्योतिर्गमय हो नैनो को तृप्त करें सूरज में है आग जगत का पोषण करें जो हो ना हो आदित्य तो जीवन कैसे पार करें आग ही थी खोजपाषाण युग जो न्यूज़ भरे मानव समाज विकास आग पाषाण से दूर करें आग से ही भोजन स्वादु बना करे... Continue Reading →

Hanuman Chalisa: Excerpts

Hanuman Chalisa has been a pillar stone to any Sanatani and when one recites he feels like having a spurt of energy all through his body. Two phrases from Hanuman Chalisa have been cornerstones. No. 1राम काज क़रीबे को आतुर(Ram kaaj Karibey Ko Atur) This means that Hanuman ji is always ready for any assignment... Continue Reading →

Mahakal Temple

अवंतिका में महांकालेश्वर का नया लीला सौन्दर्य – (यात्रा वृतांत) Dr Anil Bhadoria अनंत काल से संस्कृतियां और मानव-समाज की धार्मिक और अध्यात्मिक अवधारणायें उपस्थित है और संभवतः सर्वशक्तिमान ईश्वर की कल्पना, काल से पूर्व की अवधि से शाश्वत रूप से उपस्थित है. समय से विस्तृत, ईश्वर की परिकल्पना मानव की बुद्धि से परे होने... Continue Reading →

Man vs Mind

वायुपुराण में लिखा है- मुंडे मुंडे मतिर्भिन्ना कुंडे कुंडे नवं पय:,जातौ जातौ नवाचारा: नवा वाणी मुखे मुखे. जितने मनुष्य हैं उतने विचार हैं, एक ही स्थान के अलग अलग कुंओं के पानी का स्वाद अलग अलग होता है. एक ही संस्कार के लिए अलग अलग जातियों में अलग अलग रिवाज होता है तथा एक ही... Continue Reading →

God’s Own Stories

भगवान की कहानियां कथानक - डॉ अनिल भदौरिया(पृथ्वी नामक स्वर्ग की यात्रा पर ये देवांश)------------ अलौकिक और सर्वशक्तिमान भगवान खूब आनंदित रहते हैं परंतु कभी कभी मृत्युलोक की यात्रा को भी उपस्थित होते हैं और मानव को दर्शन भी देते हैं। यहां द्वैत और अद्वैत का प्रश्न त्याग दें तो ईश्वर के दर्शन का लोभ... Continue Reading →

Satyam Shivam Sundaram

आदित्याय नमः आज का ब्रह्म विचार- सत्यं शिवं सुन्दरम् - किसी वस्तु या नीति के जाँच की कसौटी प्रस्तुत करने वाला वाक्य है। इसका अर्थ है कि कोई चीज यदि सत्य है, कल्याणकारी है, और सुन्दर है- तभी वह ग्राह्य है।

ShriRam:Real or Story

इंदौर के समाचारपत्र दैनिक भास्कर में 26 अक्टूबर 2003 को प्रकाशित श्रीराम काल्पनिक अथवा वास्तविक के नाम से श्रीमती सरोज बाला (जो उस समय दिल्ली में आयकर आयुक्त थी) के द्वारा लिखा गया है जो यहां प्रस्तुत है - हम भारतीय विश्व की प्राचीनतम सभ्यता के वारिस हैं और हमें अपने गौरवशाली इतिहास एवं उत्कृष्ट... Continue Reading →

Blessings

वरदान - मांगो वरदान, प्रकट हो भगवान बोल बैठे एक नास्तिक से. आश्चर्य में डूबे नास्तिक के नैन, हृदय, मस्तिष्क सब चुंधिया गए, विचार शून्य हो जैसे अंधकार में अंधे हो गए हो. ज्योतिपुंज से आलोकित निराकार ऊर्जा रूप में भगवान, नास्तिक की भाषा में फिर बोले… मांगो वरदान, अभक्त तो जैसे बस किंकर्तव्यविमूढ़ हो... Continue Reading →

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