56 : Magic Number

56 के अंक का भी गिनती में एक विशेष स्थान है जहां 56 इंच का सीना और तेरे जैसे 56 देखे हैं जैसे लडाकू वाक्य अनजान की बोलचाल में स्थापित है तो 56 भोग की उपमा भोजन की उच्चतम श्रेणी को प्रस्तुत करता है जो भगवान को समर्पित हो.

मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में 56 दुकान की चाट चौपटी से 56 की प्रसिद्धी को समझा जा सकता है जिसका उल्लेख आते ही इंदौरवासी के चेहरे पर मुस्कान तैर जाती है.

56 का अंक वैसे तो 5 और 6 के अंकों से बना एक ऐसा अंक है जो ना 50% से ऊपर के परीक्षा फल से न केवल स्थापित है बल्कि सेकंड डिवीजन परीक्षा का देवता भी है. वहीं इस आधुनिक कलयुगी दौर में 56 का महत्व इलेक्ट्रॉनिक स्तर पर भी स्थापित है जहां 56 इंच का टीवी के साथ 5.6 इंच कट मोबाइल स्क्रीन भी प्रचलन में है.

56 का अंक का ज्योतिषी महत्व भी है जो चंचल ऊर्जा का प्रतीक है तथा रिश्तों और सहयोग में उत्कृष्टता प्राप्ति में सहयोगी है. भले ही 56 एक भाज्य संख्या भी हो और साधारण दृष्टि में इस अंक में कोई विस्मित करने योग्य आकर्षक ना प्रतीत होता हो परंतु 56 के अंक की महत्ता तो अनादि काल से स्थापित है. देवकृपा हेतु 56 भोग की भोजन सामग्री ससनातन धर्म में पुरातन है.

56 का अंक प्रगति के साथ दृढ़ इच्छा शक्ति और कलात्मक का भी द्योतक है. यह एक प्राकृतिक अंक है तथा रसायन शास्त्र के पीरियोडिक टेबल में 56 का बेजोड़ अंक मृदु और रेशमी बेरियम को प्राप्त है. 56 को एंजेल अंक भी माना जाता है. नाना पाटेकर की फायर ब्राण्ड मूवी अब तक छप्पन आज भी एक दर्शनीय फिल्म मानी जाती है जो समाज के शुद्धिकरण में पुलिस और कानून व्यवस्था को स्थापित करने की न केवल शिक्षा प्रदान करती है बल्कि अनिवार्य मनोरंजन भी प्रस्तुत करती है. अब बोलचाल की भाषा में देश में आने पर मालवा के खाँटी निवासी तल्खी और गुस्से में बोल ही देते हैं कि तेरे जैसे 56 देखें हैं.

भले ही 56 का आंकड़ा जुबां-जुबां पर चढ़ा हो जो लपेट लपेटकर बोलने में आता हो कि 56 का सीना है क्या या तेरे जैसे 56 देखे हैं या तू क्या 56 भोग खाएगा?

इस अंक की भारतीय समाज में अप्रतिम स्थित है जो अवर्णणीय तो है ही एक आश्चर्य का अंक भी इसे बनाती है. भोजन के स्वादु होने तथा ब्रह्म भोज में या भगवान को भोग लगाने में पूजा प्रथम में छप्पन भोग लगाए जाने का निरंतर सम्मानजनक उल्लेख मिलता है और तो और इंदौर में तो चाट – चौपाटी कुल्फी आदि स्ट्रीट फूड का बाजार ही 56 दुकान के नाम से विख्यात है. इस बाजार की छप्पन दुकानों में उपलब्ध व्यंजनों की प्रसिद्ध देश में ही नहीं विश्व में स्थापित है. इसी प्रसिद्धि के चलते दिल्ली के शाही हल्कों में कुछ इस प्रकार 56 दुकान की सौंधी महक पहुंची कि जी-20 समिट की इंदौर में आयोजित बैठक का एक रात्रि भोज ही 56 दुकान के 56 व्यंजनों से आलोकित हुआ जो इंदौर के लिए न केवल गर्व का विषय बना बल्कि 56 के अंक की स्वत: स्फूर्त महिमा को भी प्रदर्शित करने में सहायक हुआ.

भारत के 2014 से आरूढ़ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के भाषणों में यदा-कदा 56 इंच के सीने के धारक होने का जिक्र होता है जो उनके राजनीतिक पौरुषत्व तथा जिजीविषा की उद्घोषणा से अंकित किया जाता है. इसी 56 के अंक की स्थापित महिमा के चलते भारत के नागरिक भी कोई बड़ा कार्य संपन्न होने पर 56 इंच का सीना है काम तो होगा ही जैसी युक्ति भी कहने लगे हैं. आपको जानकर कदाचित आश्चर्य हो अमेरिका के स्वतंत्रता घोषणा पत्र जो 1774 में हस्ताक्षरित हुआ उसमें 56 लोगों के हस्ताक्षर हुए थे. 56 को एक एंजेल अंक भी माना जाता है.

सुंदर स्त्री के संबंध संदर्भ में भी 56 छुरी नमक शब्द का प्रयोग किया जाता है जो संभवत लखनऊ में एक अति सुंदर नृत्यांगता के 56 बार चाकू मारने के बाद भी बच जाने पर मशहूर कहावत बन गई जिस पर कई फिल्मों में कई गीत भी बने

56 की महिमा को देखते हुए लगता है कि यह वह अंक है जो अपनी विशेषता और अलौकिकता को स्थापित करने में कतई पीछे नहीं रहा है.

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