Sirpur – A Ramsar Site(488)

1972 में ईरान के रामसर में आहूत एक विशिष्ट कनवेंशन के द्वारा पूरे विश्व में जल राशि (Wetland) के अनुरक्षण, संरक्षण और विकास के संबंध में एक रूपरेखा तैयार की गई थी जिसके चलते विशिष्ट, अद्वितीय और पूर्ण नदियों तालाबों और जल जीव पक्षियों सरीसृपों तथा छोटे स्तनपायी जीवों के जीवन रक्षक के प्रयास किए जाने का वैश्विक क़रार किया गया है. वर्ष 2022 में रामसर कन्वेंशन से संबद्ध सिरपुर लेक लगभग 800 एकड़ में विस्तारित है जो लगभग 150 प्रजाति के पक्षियों की पालन – पोषण स्थली है.

रामसर कन्वेंशन के तहत इन जल- राशियों को वही सम्मान और संरक्षत्व प्राप्त होता है जो यूनाइटेड नेशंस द्वारा प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को हेरिटेज के माध्यम से प्राप्त होता है जिससे संपदाओं को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने में सहायता मिलती है.

रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत चिह्नित जल राशियों में से एक संरक्षित जल राशि इंदौर नगर निगम सीमा में भी धार रोड पर स्थापित है जो इंदौर ज़िले की एक मात्र नामांकित संपत्ति है.

पुरानी कहावत है कि घर का जोगी जोगड़ा, आन गाँव का सिद्ध अर्थात हम इंदौरवासियों को सिरपुर तालाब इस के महत्व का अंदाज़ ही नहीं है. ये अपनी प्राकृतिक धरोहर के चलते पक्षी प्रेमियों के विशेष प्रेम यात्रा का ठिकाना है जहाँ लगभग 15 प्रकार के छोटे बड़े देशी पक्षियों के सुलभ एवं अप्रवासी पक्षियों के दुर्लभ दर्शन भी हो जाते हैं.

सदा दर्शनीय भारतीय पक्षी –
नीलकंठ
कोयल
भूरा बगुला
दर्जिन चिरैया
हरा फ्लाईकैचर
सन- बर्ड
कॉमन बैबलर
किंगफिशर
शिकरा
ग्रेट पेंटेड स्नाइप
अबाबील

ब्राह्मणी मैना
कठफोड़वा
हॉर्नबिल
कॉपरस्मिथ बर्बेट
गौरैया
मोर
बतख
वुड सैंडपाइपर और
कौवा, कबूतर तो बड़ी संख्या में हैं

कभी कभी दर्शनीय अप्रवासी पक्षी-
शेल्डक
पोचार्ड
हंस
Shoveler
फ्लेमिंगो

आमतौर पर जल राशि के समीप पक्षियों का डेरा होता है और सुबह के समय तथा शाम के समय पक्षियों के आवागमन की गतिविधियां अधिक होने से नैनसुख की तृप्ति बेहतर हो जाती है. हालाँकि सिरपुर एक छोटा तालाब है परन्तु फिर भी 3 विभिन्न रास्तों से चहलक़दमी कर सुधि पक्षी प्रेमी और प्रकृति प्रेमी अपने कदमों का प्रयोग करते हुए दर्शनों की इस अनुपम दावत का आनंद उठा सकते हैं. प्रकृति का मूल तत्व क्या है ? यह समझना जटिल नहीं है बिना जल के पृथ्वी निर्मूल हैं कि बिना पृथ्वी के सूर्य ऊर्जा निरर्थक है अर्थात पंच तत्वों की अवधारणा के बिना जीवन की संकल्पना अधूरी ही है और इस प्रकार की जल राशियों के माध्यम से पृथ्वी अपने पंच तत्वों को न केवल समृद्ध बनाए रखने का प्रयास करती है बल्कि जल- जीवन, पक्षी, सरीसृप और स्तनपायी जीव के माध्यम से ऊर्जा की एक उच्चतर स्तर को भी बनाए रखने का प्रयास रखती है जो पारिस्थितिकीय त्रिकोण का एक अनिवार्य अंग भी है

सिरपुर तालाब की रविवार की यात्रा की जा सकती है जहाँ पैदल यात्रा से प्रकृति को निहारते हुए पंच तत्वों के मूल आविष्कारी प्रयोजनों को साधते हुए प्रकृति के नैसर्गिक परिवेश में ईश्वर की अनुपम लीला के सृजन और संरक्षण का आनंद ले सकते हैं

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