Mammoth Caves USA

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विराट और विहंगम गुफाओं का संजाल –
अमेरिका की प्राकृतिक धरोहर, मैमथ केव्स राष्ट्रिय उद्यान
स्थान- केंटकी राज्य(साउथ-सेंट्रल)

बह रहा है,
सब कुछ प्रवाहित हो रहा है.
समय, पानी, हवा, सूरज और चाँद सब.
सबकी एक सुनिश्चित चाल है.
कोई मंथर, कोई धीमे तो कोई द्रुत गति से.
परंतु सब चलायमान.
बह रहे हैं.
यहाँ तक की स्थिर प्रतीत होते पर्वत-पहाड़ भी.
गति सापेक्ष है.
यहाँ तक कि उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर हिमपर्वत भी, हिमखंड भी बह रहे हैं. बस हमारे नैनो को अंकित नहीं हो रहे. एक प्राकृतिक शक्ति, प्रकाश की गति 3,00,000 किलोमीटर प्रति सेकंड की है, तो शिलांग (Stalactites) की गति तो एक बूंद के बराबर की दूरी तय करने में सहस्त्र वर्ष भी लग रहे हैं.

बहना शाश्वत है और स्वरूप परिवर्तन भी.
थमा कोई नहीं.
शिलांग या स्तेलेक्टायट एक खनिज या पाषाण संरचना है जो किसी गुफा में , गर्म पानी के झरने या अन्य संरचना की छत से लटकती है। स्टैलेक्टायड अक्सर हिमलंब के आकार के होते हैं और नुकीले सिरे वाले होते हैं.

देशाटन से ज्ञान वृद्धि का स्रोत उत्पन्न होता है और यदि रुचि उत्पन्न हो जाये तो इतिहास, प्रकृति के विकास, नगर विकास और संस्कृतियों के मूल और परिवर्तित रूपों का समक्ष में साक्षात्कार किसी भी व्यक्ति को आश्चर्यचकित कर सकता है. उत्तर अमेरिका महाद्वीप के देश संयुक्त राज्य अमेरिका की प्राकृतिक धरोहर कुछ इतनी धनवान है कि देखते ही मुँह खुला रह जाता है. देश के उत्तर में स्थित है अमेरिका कनाडा सीमा पर एक भीमकाय प्राकृतिक जलप्रपात का दर्शनीय स्थल नियागरा और पश्चिम के रेगिस्तानी राज्य अरीज़ोना के पहाड़ों के मध्य बहती कोलाराडो नदी के चारों ओर प्रकृति निर्मित ग्रैन्ड कैन्यन घाटी क्षेत्र का रंग-बिरंगा पहाड़ी प्रदर्शन न केवल पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है बल्कि ऐतिहासिक धरोहर का भी अनुपम उदाहरण है जो लाखों वर्ष के पृथ्वी के विकास का एक दृश्य प्रस्तुत करता है.

उसी प्रकार कैंटकी राज्य, अमेरिका की भौगोलिक स्थिति के मध्य में स्थित है जहाँ विराट गुफाओं का विशिष्ट रचना संसार स्थित है. यह मैमथ-केव नेशनल पार्क, विश्व धरोहर स्थापित हो कर विश्व का सबसे बड़ा लम्बा और विहंगम गुफाओं का संजाल है जो इस दिनांक तक 426 मील के क्षेत्रफल में खोजी जा सकी है. 35 करोड़ वर्ष पुरानी यह रचना मुख्यतः ग्रीन एवं सहायक नदी नोलिन के संजाल में उपस्थित हैं. इन गुफाओं के प्रागैतिहासिक अवलोकन एवं वैज्ञानिक आकलन से पृथ्वी के 35,00,00,000 वर्षों की यात्रा कथा की झलक दिखती है और पाषाण के प्रवाहित होने का घटना भी इन विराट गुफाओं में साक्षात देखी जा सकती है.

इस राष्ट्रिय उद्यान के नियामकों एवं नियंत्रकों द्वारा कई छोटे-छोटे टूर पैकेज उपलब्ध कराए जाते हैं जो 40 मिनट से लेकर 5 घंटे के हो सकते हैं.
वर्ष 1780 में प्रथम बार इन गुफाओं को देखा गया था. फिर कई बार यहाँ के वणिकों ने इन गुफाओं की व्यावसायिक उपयोग का प्रयास किया. टूर-ऑफिस में प्रदर्शित ऑडियो-विज़ुअल और पोस्टर प्रदर्शनी से पूर्ण इतिहास ज्ञात होता है. 19 वीं सदी में इन गुफाओं को कई बार क्रय विक्रय किया गया और निकट में होटल इत्यादि बनाए गए. वर्ष 1941 में संयुक्त राज्य अमेरिका शासन ने इस क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया जो एड्मोंसन काउंटी क्षेत्र में स्थापित है.

जंगल क्षेत्र में स्थित यह प्राकृतिक धरोहर अपने मूल रूप में संरक्षित है जो कदाचित सैकड़ों वर्ष पूर्व के स्वरूप को समाहित कर आज भी प्रस्तुत करती है. इन गुफाओं को दर्शकों की प्रशिक्षित गाइड के माध्यम से अवलोकन कराया जाता है और गुफा के द्वार पर सुरक्षा के तमाम सुरक्षित उपाय किए गए हैं ताकि संरक्षित वन क्षेत्र के विभिन्न जानवर जैसे हिरण खरगोश सियार भालू आदि न घुसने पाए. गाइड के साथ एक सुरक्षाकर्मी भी पर्यटक दल के साथ पीछे पीछे रहता है ताकि 30 पर्यटकों के इस दल में से अंधेरे गुफा में कोई खो न जाये छूट न जाये.

यदि, फ्रोज़न निआग्रा नामक गुफा के अवलोकन की बात करें तो यह अनुपम विस्मयकारी सिद्ध होता है जहाँ भीतर प्रवेश करते ही आर्द्र वातावरण, पैरों के नीचे की नमी और चारों और स्याह अंधेरे से किसी भी पर्यटक के मन में एक अनजान भय उत्पन्न हो जाता है. न्यूनतम, अपितु पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध कराया जाता है ताकि आगे का मार्ग दिखे और गलियारे की चट्टानें प्रदर्शित हो पाए और पर्यटक गुफा के भीतर निपट पाषाण रचनाओं के सौन्दर्य को स्पष्ट देख और समझ पायें. फ्रोजन निआग्रा गुफा क्षेत्र में पांच स्थान ऐसे हैं जहाँ सभी पर्यटकों को एकत्र कर पथ-प्रदर्शक द्वारा खदान की खोज का इतिहास, रचना तथा विभिन्न संबंधित जानकारी की भय मिश्रित प्रस्तुति दी जाती है. और तो और उर्ध्व और निम्न शिलांग के दृश्य तो कम प्रकाश में भी आश्चर्य से सराबोर कर देते हैं, जब शिलांग की छत पर और उसके ठीक नीचे सम्कक्ष शिलांग के प्रथम दर्शन होते हैं. प्रकृति अपने इतने स्वरूपों में दर्शन को उपलब्ध होती है कि समग्र विवेचना करे तो आश्चर्यचकित होना बहुत लघु शाब्दिक स्थिति प्रतीत होती हैं.

एक स्थान पर गुफा की पस्तीर पर पत्थरों का जलप्रपात जैसी अनुपम और अलौकिक रचना उपस्थित होती है जिसे देख आप नैनो से बस निहारते ही रह जाते हो जैसे कोई जलप्रपात बह रहा है. इसी पाषाण रचना को देख इस गुफा का नाम फ्रोज़न-नियागरा रखा गया है जो अमेरिका और कनाडा की सीमा पर निआग्रा नदी पर विशालकाय जलप्रपात के नाम पर है.
समुचित प्रकाश में गाइड की वैज्ञानिक प्रस्तुति और भय सहित गुफा यात्रा अपनी विशेष रचनाओं के साथ प्रथ्वी के विकास की भी प्रागैतिहासिक प्रस्तुति देती है जिसे देख आप अपने लघुत्तम होने के भाव को विकसित होने से नहीं रोक पाते हैं. इस अलौकिक सत्ता के साकार या निराकार रूप में उपस्थित होने का भाव, किसी भी दर्शक को एक ऐसी प्रस्तुति है कि, हाँ देख मेरा रूप.


कहीं समन्दर है, तो कहीं नदी रूप में हूँ, मैं पर्वत है कहीं तो विशेष रूप में कहीं जलप्रपात. कहीं गुफा रूप में हूँ तो कहीं पत्थरों की विशेष गाथा में उपस्थित और वहाँ भी जहाँ जीवन है. इस गुफा के स्याह अंधेरे में झींगुर है, नदी है. नदी में बिना नैनो की मछली हैं और कभी ना हाँ समझ आये वह संचाल है जो आज के आधुनिकतम तकनीकी काल में भी पूरी तरह से अन्वेषित नहीं की जा सकी या कहें कि गुफाओं की पहेली है जिसे मानव जाति आज तक सुलझा नहीं पाई है.

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