Happy, Go Lucky

Blog No 394

HAPPY GO LUCKY –


आज आपके भीतर उपस्थित ऐसे चार मित्रों की चर्चा करते हैं जो आपके मस्तिष्क और पाचन तंत्र में उपस्थित होकर आपको निरंतर शारीरिक-मानसिक और भावनात्मक स्तर पर सवस्थ बनाए रखने का कार्य करते हैं. कहने को तो ये रासायनिक तत्व है और न्यूरो-ट्रांसपोर्टर हार्मोन हैं परन्तु इन्हें हम आज मित्र कहेंगे जिनकी ग्रंथियों से स्त्रावण उपस्थिति से आप प्रफुल्लित रह सकते हैं, अच्छे प्रेमी बन सकते हैं और इन्हीं की अनुपस्थिति में आप मांसपेशियों के लगातार दर्द, अवसाद, अनिद्रा और नकारात्मक भाव से पीड़ित भी हो सकते हैं. हर्ष और उन्माद से सदैव आह्लादित रहना हर नागरिक के लिए दिवास्वप्न हो सकता है जो वह सदैव स्वयं के लिए और परिवार के लिए चाहता भी है. खुश रहने का भाव मानसिक अवस्था का परिचायक हो भले, मानव मन इस भाव को भौतिक वस्तुओं की प्राप्ति से जोड़े रखता है कि जब मकान बन जाएगा तब मैं खुश हो जाऊंगा या कुछ ऐसा ही भिन्न विचार जो प्राप्ति पर ही आधारित हो. हर्षित रहने के लिए इन चार मित्रों की कहानी को समझने का हम प्रयास करते हैं जो एक भिन्न दृश्य प्रस्तुत करते है.


सबसे पहले मित्र है डोपा, जो प्रेरणा का स्रोत है तथा संगीत और छोटे-छोटे जन सहायता के कर्म कर खुश बना रहने की प्रयास करता चलता है. छोटे पुरस्कार की प्राप्ति, नए प्रोग्राम को सीखने की भावना, सजगता और संभावित कार्य संपन्न की सन्तुष्टि से उत्पन्न होने वाला डोपा, पसंद के भोजन जैसे मौसमी फल, सब्जी, डार्क चॉकलेट आदि के कच्चे माल से आपके मस्तिष्क में उत्पन्न होता है और इसी डोपामीन हॉर्मोन मित्र के कारण सदा-सहाय का भाव आपको खुश बनाए रखता है. यह मित्र एक साधु भाव का स्वामी होकर आपको प्रेरणा का स्रोत बनाने में सहायक होता है और सहाय भाव से घर परिवार सड़क पर, जीव-जंतु, मानव की सहायता का एक सामाजिक भाव उत्पन्न कर देता है. तो मस्तिष्क से डोपामाइन की मात्रा बढ़ने के लिए शांत मन से सहायता का सुधिभाव रखते चलिए, कुछ नया सीखने का मानस बनाइये. डोपामाइन हॉर्मोन- मित्र की कमी से आप नशे के आदि हो सकते हैं.


अगले मित्र हैं सिरो, जो प्रसन्नता के उत्पादक मित्र हैं और आँतों से उत्पन्न होते है. यह मित्र शारीरिक परिश्रम का भी प्रेमी हैं जो छोटी-लंबी दौड़ के साथ दिन के प्रकाश में पसीना बहाने को सदा राजी है. यह प्रेरक हॉर्मोन मित्र शरीर की दिनचर्या के साथ मानसिक अवस्था को उत्तम स्तर पर बनाये रखने का पालन भी करता है. ऐसे मित्र की उपस्थिति शरीर में हो तो जातक कभी भी अकेलेपन के शिकार नहीं होते बल्कि अपने स्वयं के अकेलेपन के साथ को भी ध्यान की अवस्था जान आनंदित होते हैं. पैदल चलने और नियमित व्यायाम की दिनचर्या से ये मित्र आपको प्रसन्नचित्त बनाये रखने को रक्त परिसंचरण में उपस्थित बने रहते हैं. सेरोटोनिन हॉर्मोन मित्र का उच्च स्तर आपको विजेता के रूप में स्थापित करने योग्य शक्ति प्रदान करता है, अर्थात जातक को बिठाये रखना इनकी आदत में नहीं सम्मिलित नहीं है. इस मित्र का होना आवश्यक है. वहीँ इसका कम स्तर दर्द, बैचैनी, रोग और कम आयु का प्रदायक हो सकता है. इस की कमी अवसाद और आत्महत्या के विचार को भी उत्पन्न कर सकती है. अतः आसान है की आप नियमित व्यायाम कीजिये, पौष्टिक व प्राकृतिक भोजन का नियमित सेवन से इस सेरोटोनिन के स्त्रावण में बढ़ोतरी होगी.


ऑक्सी नामक अगले मित्र प्रेम के संवाहक है जिन्हें भाई-बहन, छोटे-बड़े बुजुर्ग सभी समभाव से प्रिय है. ये हार्मोन-मित्र, बच्चों को गले लगाते चलते हैं और बड़ों को आदर भाव से प्रमाण कर झुक कर गले मिलते हैं. प्रेम के सम-भाव से आलोकित ये ऑक्सी मित्र स्वादिष्ट भोजन बनाकर परिजनों व मित्रों को खिलाने का भी सदभाव रखते हैं. ये ओक्सी-मित्र, भरोसे के मित्र होते हैं जो दया भाव भी रखते हैं. तनाव से मुक्ति दिलाने में इस मित्र का मानव जीवन में बड़ा हाथ है. इस हॉर्मोन-मित्र के शरीर में प्रचुर मात्र में उपस्थित होने पर जातक अपने कार्यालय में भी सभी को साथी मानते हुए निरंतर कार्यस्थल पर भी परिवार जैसा माहौल बनाएं चलते हैं. और तो और पालतू जीवों के शौकीन होकर ये मानस उनसे भी प्रेम का अविरल भाव बनाए रखते हैं. मनोरंजन के लिए भी टीवी पर यह मित्र पाक कला की प्रस्तुति और रोमांच से भरपूर कथानक देखने के हामी होते हैं. जाहिर है इस मित्र ऑक्सीटोसिन की उपस्थिति प्रेम का मित्र बना देती है. तो प्रेम भाव उत्पन्न करने के लिए, आलिंगन कीजिये, अच्छा भोजन बनाने में सहयोग दीजिये और रोमांटिक – कॉमेडी चलचित्रों के दर्शन माध्यम से इस की मात्र का स्त्रावण बढाया जा सकता है.


अंतिम मित्र हैं एंडो जो दर्द निवारक है. दर्द से मुक्ति एंडो की विशेष कार्यशैली में सम्मिलित हैं इन्हें मजाक पसंद है और टीवी पर भी एक कॉमेडी चलचित्र दर्शन के अधिक हामी होते हैं. व्यायाम पसंद होने के साथ साथ ये एंडो अपनी साख के प्रति भी सजग होकर नियमित दिनचर्या के पालनकर्ता होते हैं. ये प्राकृतिक घाव के पोषक है जो प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होते हैं. इनकी मित्रता से आत्म सम्मान के भाव का विकास संभव है और आप की दर्दनाक परिस्थितियों में एन्दोर्फिंस हॉर्मोन-मित्र तुरंत आ खड़े होते हैं.
समग्र अवलोकन करें तो पूरे दिन के कार्य का लाभ में किसी भी मानव के लिए ये सुधिमित्र डोपामीन, सेरोटोनिन, ऑक्सिटोसिन और एंडोर्फिन मस्तिष्क और आहार-तंत्र में उत्पन्न होकर रक्त में घुलते रहते हैं और इसी के चलते हमारे मन में मित्रभाव, सेवाभाव, प्रेमभाव और दर्द निवारक भाव हमारे शरीर में उत्पन्न होता रहता है जिससे हमारा शरीर अपनी पूर्ण क्षमता से निरंतर कार्य कर सकें. यह अब हमारे हाथ में है कि इन मित्रों से हम कैसे मित्रता बढ़ाएं

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