Tadka: Movie Review(380)

तड़का-चलचित्र समीक्षा

देखने योग्य है- अति उत्तम

रॉम-कॉम श्रेणी के चलचित्रों का प्रचलन बढ़ चला है जहाँ रोमांस और कॉमेडी की खिचड़ी मिलाकर प्रस्तुत की जाती है. आम तौर पर धरातल की सच्चाई से परे रॉम-कॉम चलचित्र अतिशय आधुनिकता, कृत्रिमता, धूमधाम, अशुद्ध भाषा से परिपूर्ण होने से वास्तविक परिदृश्य प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं जो कदाचित इस 21 वीं सदी की कमजोरी प्रदर्शित होती है. 2022 में बना चलचित्र तड़का एक भिन्न सोंधी महक के साथ रोमांचक यथा वास्तविक रॉम-कॉम श्रेणी की बारिश करता है.

मध्य आयु में विवाह की आकांक्षा जीवित रखना वह भी अपनी शर्तों एवं बसंत पर बिना डिगे सफलता की संभावना संदिग्ध बनी रहती है. अपनी अधेड़ नोक-झोंक को परिपक्वता से सरोबार कर देती है. आज के इस दौर में जहाँ दोनों वर-वधू पक्ष अपनी आवश्यकताओं के पक्षधर हों तो संगम-समागम दुर्लभ होने की संभावना अधिक होती है. यही दृश्य इस चलचित्र में प्रस्तुत किए जाने का प्रयास किया गया है.

नाना पाटेकर को अभिनय की एक भिन्न ऊर्जा का प्रचुर स्रोत माना जा सकता है और उन्हें अभिनय करते देखना सदैव ही प्रीतिकर होता है. कुंवारे अधेड़ अवस्था के रूप में रोमेंटिक कॉमेडी के दृश्यों को जिस खूबी से उन्होंने अभिनीत किया है वो भावना प्रदर्शन की अद्वितीय प्रस्तुति है. प्रेम शुद्ध मानसिक एवं भावनात्मक अभिव्यक्ति है और वासना नहीं है इस चलचित्र से यह शुद्धता प्रदर्शित होती है. श्रेया सरन का परिपक्व अभिनय इस प्रस्तुति का नमक है जो इस मूवी वाचन के पूरे अनुभव को दोगुना कर देता है.

तापसी पन्नू और अली फैजल की स्वार्थपरक कहानी का समावेश भी कथानक को रोचक बनाता है. घटनाओं का परिचक्र नाना पाटेकर के चारों ओर इस बखूबी से चित्रित किया गया है कि प्रेम कथाओं के पुराने दौर का स्मरण हो आता है जहाँ बिना शारीरिक प्रदर्शन के प्रेमियों की भावनाएँ समस्त सीमा प्रदर्शित कर देती थी.

मनोरंजक और देखने योग्य है तड़का….जिसमें भोजन के भिन्न अवयवों के संग रोमांस का तड़का लगाया गया है.

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