

……………..बरसती बूंदें
बरसती बूंदें आसमान से,
लाती ख़ुशी का संदेश
हरी भरी होती धरा,
जीवंत होता भारत देश.
बूंद बूंद से बनती ये अमृता,
बूंद सा बचपन धरोहर बनता
धरा की पूर्णता बूंदों की थाती,
पानी की हर बूंद जीवन महकाती.
सहेज लें ये अमृत सी अमृता


……………..बरसती बूंदें
बरसती बूंदें आसमान से,
लाती ख़ुशी का संदेश
हरी भरी होती धरा,
जीवंत होता भारत देश.
बूंद बूंद से बनती ये अमृता,
बूंद सा बचपन धरोहर बनता
धरा की पूर्णता बूंदों की थाती,
पानी की हर बूंद जीवन महकाती.
सहेज लें ये अमृत सी अमृता
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