आखिर क्या है दीवाली का संदेश ??
जीवमात्र की यात्रा में मृत्यु लोक का भ्रमण प्रभु श्रीराम के लंका भ्रमण की भांति है जहां आपको अपने सामर्थ्य, बुद्धि, विद्वता से समर लड़ना होता है और जीतो हारो किसी भी स्थिति में श्रीलंका नामक मृत्युलोक को त्याग कर घर वापसी भी अनिवार्य रूप से करना होती है ….
दीवाली घर वापसी का त्यौहार है
दीवाली मुक्ति का त्यौहार है
दीवाली एक अंतरण का त्यौहार है
दीवाली सागर मंथन का त्यौहार है
दिवाली समुद्र से निकले रत्नों के अवतरण का त्यौहार है
दीवाली एक अवस्था से दूसरी अवस्था में जाने की जागृति का त्यौहार है
दीवाली मन की शांति का त्यौहार है
दीवाली यह याद करने का त्यौहार है कि अंत में परमपिता के घर जाना होगा
दीवाली मोक्ष को याद दिलाने का त्यौहार है
दीवाली मृत्यु लोक को भुलाने का त्यौहार है
दीवाली कर्म का त्यौहार है
दीवाली मर्यादा का त्यौहार है
दीवाली सहजीवन का त्यौहार है
दीवाली सहिष्णुता का त्यौहार है
दीवाली उल्लास का त्यौहार है
दीवाली उजास का त्यौहार है
दीवाली ज्योति पर्व है और
जब मुक्ति उपस्थित होती है तो ज्योति समाहित होती है मन में, कर्मों में, आत्मा में, शरीर में, वास्तु में सापेक्ष रूप में और निरपेक्ष रूप में….
मंगलमय हो दीवाली


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