प्रभुत्व का प्रभाव:
पत्रकार:
मैं एक राष्ट्रीय अखबार का संवाददाता हूं और आपके सरकारी दफ्तर में यह काम करना चाहता हूं !
अधिकारी:
डीटेल्स दे दीजिए
पत्रकार:
यह डिटेल्स है मैं अखबार में हूं .
अधिकारी:
वह बताने की जरूरत नहीं है अगर आपकी पात्रता है तो यह कार्य बिना अखबार में आपकी पोज़ीशन के विज्ञापन ही हो जाएगा आप बैठिए .
काम धीरे-धीरे होता है
आखिर में अधिकारी पूछ ही लेता है क्या आपका यह अखबार इस बात की गारंटी देगा कि यदि मैं कोई गलत कार्य करूं तो वह पेपर में नहीं छपेगा ?
ना
संवाददाता के ना कहने पर अधिकारी बोल उठे तो फिर अखबार का प्रचार उचित नहीं है यह धमकी ही है !
हम आपकी सेवा के लिए यहां बैठे हैं और हम हमेशा सेवा के लिए तत्पर हैं कोई कमी हो तो आप सीधे बताएं कि यह कार्य इस प्रकार से नहीं हो पा रहा है
हम सदैव आपकी मदद को है
सेवा ग्रहिता नतमस्तक

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