उर्जा का ये जन्म
जीवन क्षणभंगुर
मरना नहीं चाहता
परंतु मरना तो है
लीला बिखरी पड़ी
माया मोह चन्हूओर
चाहता नहीं
परंतु प्यार तो है
मद क्रोध शाश्वत
छूटते नहीं कभी
शत्रु से प्रेम नहीं
परंतु तकरार तो है
लोभ से धन
भृष्ट्ता यूं उपजे
धन बुराई भले
परंतु कमाना तो है
त्याग तुम करो
भोगने दो मुझे
अहंकार त्याज्य है
पर माया पाना तो है
साधुता को आकर्षित
भिक्षाम देही पढ़े
माया यूं ललचाती
पर ऐश्वर्य पाना तो है
धर्म क्या है ये पूछें
कर्म का फल ढूँढे
नैतिकता सब जाने
पर वासना में डूबना तो है
चाहते सब स्वस्थ रहें
भोजन भले कैसा भी
व्यायाम से मस्त रहें
पर आलस्य करना तो है
सत्य अहिंसा प्रेम
जीव की शक्ति है
मन बुद्धि चित्त जानते
पर अंत:करण छोड़ना तो है
यात्रा बाहेर की
भीतर जाना नहीं
संशय निश्चित है
पर दुध में चीनी ढूँढना तो है
भोग को आतुर
शरीर और मन
आत्मा की रोक माने नहीं
पर ज्ञान समझना तो है
कामी भी अमृत को
ढूँढ़ता फिरे सदा
अपराध की चेष्टा
पर सजा पाना तो है.

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