Journey unlimited

अ-समान उड़ान, आसमान की…

यात्रा में जो आनंद है,
मंजिल में नहीं भाई.
मंजिल रहे दूर-पास,
रास्ता कठिन है भाई.


शरीर थके तो भी ,
मन कट्ठा रखना भाई.
ज्योति जला रखना,
चलते रहना भाई.


पक्षी करते कलरव यहाँ,
मोर यहाँ-यहाँ चिल्लाते.
हम अपनी धुन में भूले,
सन्नाटा भी न सुन पाते.


बगिया महकती फूलों की,
मुस्काते फूल बनना तुम.
यात्रा जो जारी बाहर,
भीतर भी करना तुम.


हवा बहती निर्मल,
चैरेवती का संदेश है.
इस पल में जीवन,
भीतर भी उजला मन है.


उड़ान है आसमान की,
या फिर अन्तर्मन की.
समान है जीवन,
प्रत्याशा असमान की.

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