Ain’t you an Evil!

तो कौरव हो तुम…

यदि श्रीकृष्ण तुम्हारे पक्ष में नहीं,
तो कौरव हो तुम।
अपने में संतोषी और भावुक नहीं,
तो कौरव हो तुम।
करुणा को भूले तुम और दया नहीं,
तो कौरव हो तुम।
इच्छा मृत्यु के वरदानी पर अन्यायी,
तो कौरव हो तुम।
खेल के छल में निपुण और पक्षपाती
तो कौरव हो तुम।
धक्का दे आगे बढ़ने को हर कीमत आतुर,
तो कौरव हो तुम।
क्रोध घृणा के पोषक और पालक,
तो कौरव हो तुम
स्त्री मान भंग की प्रतिष्ठा के हामी
तो कौरव हो तुम
लेना ही पढ़े तुम, देने में कच्चे
तो कौरव हो तुम.

धर्म और श्रद्धा के धनी हो ,
तो पांडव हो तुम.
द्वापर में भी सतयुगी मान,
तो पांडव हो तुम.
प्रकृति के सहजीवी जो समझे,
तो पांडव हो तुम.
दान को वीरता का धर्म समझे,
तो पांडव हो तुम.
त्याग करने को सदा आगे
तो पांडव हो तुम.
धर्म की वीरता को समझे,
तो पांडव हो तुम.
छल को भी न समझे जो
तो पांडव हो तुम.
यम नियम को पालन करते
तो पांडव हो तुम

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