प्रश्न –
तुम्हारी अपने बचपन के दोस्तों से जो बहुत धनी और मशहूर हो गए हैं कैसे पट जाती है?
कैसे कायम रखते हो?
उत्तर-
मित्रता पट इसलिए जाती है कि मैं निरापद हूं, मुझे उनके प्रति प्रतिद्वंदिता निरंक है! जब मैं उन्हें प्रतियोगिता ही नहीं देता,चाहे वह बुद्धि के स्तर पर हो या धन या स्टेटस हो तो एक घोषित मानस के द्वारा मैं आगे बढ़कर प्रतियोगी होने से मैं इनकार कर देता हूं.
… और मित्रता कायम ऐसे है कि मैं उनसे कोई उम्मीद नहीं रखता, उनसे कुछ मांगता नहीं और जब जरूरत पड़े तो उनकी छोटी-मोटी मदद कर देता हूं. इसलिए हमारी दोस्ती में मित्रता में बुद्धि, धन, साख और स्टेटस नहीं आते
तो प्रेम, साथ और मित्रता कायम हैं

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