
खुद पहचाने कैंसर को
इस आधुनिक काल में समाज में और मानव की जीवन शैली में परिवर्तन होने के चलते जीवनशैली से प्रभावित होने वाले रोगों की संख्या में वृद्धि हुई है
विज्ञान की तरक्की से बीमारियों को पहचान ले समय पर पकड़ने और औषधीय शल्य चिकित्सा उपागम से बड़ी आसानी हुई है हालांकि जीवनशैली रोगों का उपचार अब महंगा हो गया है लेकिन पहले की तुलना में उपचार अब अधिक प्रभावी है असर कारक है ।
पिछले चार पांच दशकों से शरीर में असामान्य कोशिकाओं के प्रभाव एवं संख्या में वृद्धि होने से होने वाले कैंसर के रोगों में बड़ी वृद्धि हुई है जिसके नाम मात्र से रोगी, परिवार और समाज तीनों न केवल आर्थिक रूप से कमजोर हो जाते हैं बल्कि नैतिक बल, मानसिक इच्छा शक्ति भी नकारात्मक रूप से प्रभावित होती है । कुछ समय की मांग है की आसान तरीकों से इन कैंसर के परीक्षण कर जो घरेलू किस्म के ही हैं इन्हें पहचान लिया जाए।
यदि हम प्रत्येक माह की 1 तारीख को इस हेतु निश्चित करने कि आज मैं स्वयं अपने शरीर का समग्र परीक्षण करूंगा तो आसानी से कहीं कोई असामान्य गतिविधि हो रही हो तो वह पकड़ी जा सके और इस हेतु शुरुआती दौर में यदि कोई बीमारी सिर्फ त्वचा के छूने से या दर्द गठान को महसूस करने से पकड़ा जा सके तो बहुत ही प्रारंभिक अवस्था में रोगो को पकड़ा जा सकता है जहां से कैंसर यदि पैदा हो रहा है तो उसे आसानी से संभाला जा सकता है
आइए देखते हैं कि प्रत्येक माह की 1 तारीख को स्त्री और पुरुष समान रूप से अपने शरीर की अपने हाथों से जांच करके कैसे कुछ प्रकार के कैंसर की पकड़ स्वयं कर सकते हैं ।
प्रथम
प्रत्येक स्त्री को माह की 1 तारीख को अपने आंचल या स्तनों की जांच उंगली और हथेली से गठान/सूजन/दर्द का और बगल में पूरी तरह से उंगलियों और हथेली की मदद से की जाती है
इस जांच में स्त्रियों को यह देखना चाहिए कि आंचल में कोई गठान छोटी-बड़ी तो नहीं पैदा हो गई है कहीं किसी जगह पर दबाने से कोई दर्द तो महसूस नहीं हो रहा है जो और सामान्य किस्म का लग रहा है और कहीं स्तन आगर में कोई चोट यात्रा एक जैसी स्थिति तो नहीं है और यदि कहीं कोई गांठ गठान दर्द नसों की सूजन आदि महसूस होती है तो इसको हल्के में ना लेकर तुरंत अपने महिला रोग विशेषज्ञ या फैमिली फिजीशियन या महिला डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए 100 में से 70% तक यह गठानें कुछ तत्वों की शरीर में कमी से पैदा होती हैं जो आप के चिकित्सक तुरंत शुरू कर सकते हैं
इसके अतिरिक्त भी यदि गठान कड़ी हो या कैंसर की शंका पैदा करती हो तो आप के चिकित्सक उसकी बायोप्सी की जांच करके कैंसर की गठान होने या ना होने की डायग्नोसिस बनाते हैं और सभी स्त्रियों को चाहे वह 14 साल की बच्ची हो या 80 साल की महिला को अपने दोनों आंचल में स्थित स्तनों की समग्र जांच महीने में एक बार अनिवार्य रूप से करने से रोग का डायग्नोसिस जल्दी किया जा सकता है
द्वितीय
यह जांच विशेषता पुरुषों के लिए है जिसमें महीने की 1 तारीख को नियम से पुरुष अपने अंडकोष की जांच स्वयं कर के अंडकोष में होने वाले कैंसर की जल्दी पहचान कर सकते हैं
करना सिर्फ इतना है कि नहाते समय या किसी भी समय उंगलियों से दोनों अंडकोष को दबाकर कहीं कोई गठान सूजन या असामान्य दर्द की अवस्था हो तो उसे पहचानने का प्रयास करना चाहिए यदि कोई छोटी गठान या सूजन महसूस होती है तो अपने फैमिली फिजीशियन या सर्जन को तुरंत दिखाना चाहिए ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही इस गठान के कैंसर होने या ना होने के डायग्नोसिस हेतु बायोप्सी गया सोनोग्राफी की जांच के द्वारा डायग्नोसिस तक पहुंचा जा सके
तीसरा बिंदु
स्त्री एवं पुरुष दोनों के लिए है जिसमें त्वचा पर उपस्थित कुछ निशानों को पहचानना चाहिए महीने की 1 तारीख को परिवार के किसी सदस्य की मदद से त्वचा में उपस्थित होने वाले किसी भी लाल काले नीले या मैरून रंग के दाग धब्बे को देखने का प्रयास करें जो आपकी पीठ पर हाथों में जननांगों के आसपास आंखों के नीचे उपस्थित हो सकते हैं जिनसे शरीर के भीतर होने वाले कैंसर को पकड़ा जा सकता है शरीर की इस अद्भुत भाषा को चिकित्सा विज्ञान के त्वचा पर उपस्थित होने वाले लक्षणों के नाम से पहचाना जाता है त्वचा का कैंसर मिलेनोमा और अन्य कैंसर इस तरह के और सामान्य और निकट भविष्य में पैदा हुए पहली बार देखे जाने वाले मस्से, तिल,भंवरी, लहसुन जैसे त्वचा के निशानों को देखना और पहचानना चाहिए
शरीर के सामने आप अपनी निगाहों से नहीं देख सकते हैं और एक व्यक्ति की मदद से या शीशे के सामने खड़े होकर शरीर के पिछले हिस्से दोनों पांव के बीच के हिस्से में इस तरह के त्वचा में उपस्थित होने वाले रंग के परिवर्तन को पहचानने का प्रयास करना चाहिए इस तरह की प्रयासी प्रयास से कैंसर के पहचानने में सुविधा होती है
चतुर्थम
स्त्री एवं पुरुष दोनों को महीने के 1 तारीख को अपने दोनों हाथों से शरीर के त्वचा में हाथ फेरते हुए कहीं कोई गठान सूजन आदि को पर महसूस कर पहचानने का प्रयास करना चाहिए
खासतौर से गर्दन के क्षेत्र में जहां शरीर में उपस्थित 800 लसिका या लिम्फ ग्रंथियों के संख्या की तीन सौ लिंफ ग्रंथियां या गठानें मात्र गर्दन में उपस्थित होती हैं जो शरीर की भाषा और रोग की स्थिति को बताने का कार्य करती है इनमें से यह गठानें बच्चों में खासतौर से फेफड़ों के संक्रमण खांसी या टीबी के संक्रमण जैसी बीमारियों के निदान में अति सहायक होती हैं लेकिन गर्दन के बाएं हिस्से में यदि एक तरह की गठान मिले तो तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए जो करीब करीब 7 या 8 तरह के शरीर के भीतर होने वाले कैंसर की पहचान कराने में अति मददगार सिद्ध होती है
और यह इतना आसान काम है कि यदि आप भी इस लेख को पढ़ते हुए भी अपने दाएं हाथ से अपनी गर्दन के बाएं हिस्से में क्लेविकल बोन के ऊपर हाथ फेरे तो वहां सामान्य व्यक्ति में कोई गठान या सूजन महसूस नहीं होगी
यदि इस आड़ी हड्डी के ऊपर कोई आपको गठान महसूस होती है तो यह चिकित्सीय सलाह हेतु अपनी मांग प्रस्तुत कर रही है कि शरीर के भीतर कहीं कोई असामान्य स्थिति बन रही है
इसी प्रकार आपकी दोनों हाथों के अंदर कांख या बगल के क्षेत्र में उपस्थित होने वाली लिफ़ ग्रंथियां और जांघों के शरीर के जोड़ के क्षेत्र में उपस्थित होने वाली लिफ्ट ग्रंथियां भी अपनी सूजन के द्वारा शरीर के भीतर पैदा होने वाले असामान्य स्थिति या पैथोलॉजी को प्रदर्शित करने का प्रयास करते हैं
आपके लिए अनिवार्य है कि महीने की 1 तारीख को अपने शरीर की जांच आप स्वयं करें ताकि यदि कोई गठान जानू के जोड़ पर घुटने के पीछे हाथों के नीचे बगल में गर्दन में या शरीर की त्वचा पर कहीं कोई असामान्य रंग की कोई चीज महसूस हो तो अपनी चिकित्सक को दिखाएं ताकि कोशिकाओं की और सामान्य वृद्धि जो जो मित्रवत भी हो सकती है और कोशिकाओं का कैंसर रूपी गुंडा तत्व भी हो सकती है इसे पहचानने का प्रयास किया जाना चाहिए
पंचम
यहां यह ध्यान देने की आवश्यकता है कि मानसिक स्थिति दृढ़ रखते हुए हमें ऐसे व्यसनों से बचना चाहिए जो निश्चित रूप से कैंसर कारक हैं और सरकार इन व्यसन तत्वों के कैंसर के खतरों को समझते हुए आप को जागृत करने का निरंतर प्रयास करती है
सिगरेट और तंबाकू ऐसे ही दो कारक तत्व में जो फेफड़ों का कैंसर मुंह का कैंसर जबड़े का कैंसर आमाशय का कैंसर आंतों का कैंसर मूत्राशय का कैंसर जैसे स्थिति पैदा कर सकते हैं
आपको ऐसा कहते कई लोग मिल जाएंगे कि मैं तो 10 साल से पी रहा हूं सिगरेट या खा रहा हूं तमाखू और मुझे आज तक कुछ नहीं हुआ या मेरे दादाजी 50 साल तंबाकू खाते रहे उन्हें कुछ नहीं हुआ
तो ऐसी बातें का संज्ञान ना लेकर किसी दिन कैंसर वार्ड का दौरा करें तो आपको लगेगा कि आज ही किसी भी हालत में मुझे सिगरेट का सेवन और तंबाकू का सेवन सुपारी का सेवन बंद करना है ताकि मैं कैंसर के होने वाले खतरे से हमेशा के लिए बच सकूं
Advertising in Health Sector : Unhealthy Trend.
Very nice
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Very Informative and so simple to use. Great
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