जानापाव
इंदौर के समीप स्थित जानापाव नामक रमणीय स्थल पर जाना हुआ है यह स्थल विंध्याचल पर्वत शृंखला की सबसे ऊंची चोटी है पर स्थित है जो 88 1 मीटर की ऊंचाई पर चारों ओर पहाड़ियों से गिरा ऐतिहासिक स्थल है जहां मान्यता अनुसार विष्णु रूप भगवान श्री परशुराम का अनादिकाल में जन्म हुआ था भगवान परशुराम चिरंजीवी हष्ट पुष्ट पुत्रों में से एक है जिम में सम्मिलित है मार्कंडेय हनुमान अश्वत्थामा विभीषण परशुराम आदि परशुराम के जन्म से संबंधित या पर्वत शीर्ष 1 दिन ऊर्जा से ओतप्रोत है हालांकि जन्म स्थल पर स्थित मंदिर तक सड़क मार्ग बहुत अच्छा बन जाने से पूछना शुभम है परंतु इस पर्वत श्रेणी को निहारने का आनंद पैदल चलकर शिखर तक जाने में ही है जब आप वन क्षेत्र से पक्की डामर रोड पर भी चढ़ते हुए 3 किलोमीटर की यात्रा करते हैं तो कई रमणीक एवं हृदय स्पर्शी दृश्यों के पावन दर्शन होते हैं हरियाली पर्वतों की श्रेणियों के साथ बीच-बीच में जिलों का दृश्य बड़ा मनोहारी बन पड़ता है सुबह के समय उगते सूरज जो पहाड़ों के पीछे से अपना आभामंडल लिए प्रकाशित होते हैं जो बड़े सुंदर प्रतीत होते हैं और प्रकृति की लीला के दर्शन प्रकृति की अलौकिक सत्ता से आपका जीवन साक्षात्कार कर आते हैं और आप मंत्र मुक्त हुए बिना नहीं रहते हैं मार्ग में बड़े पत्तों के मध्यम आकार के सागवान के वृक्ष आपको आश्चर्य से भर देते हैं अभी यह वृक्ष फूलदार हैं और बड़े अद्भुत प्रतीत होते हैं मालवा के पठार पर स्थित जानापाव से ही इस भारत की एक अनुपम जीवनदायिनी जल रेखा चंबल नदी का उद्गम स्थल भी है जो जानापाव शिखर के ब्रह्मकुंड से प्रकट होती है मानपुर पंचायत व महू अनुविभागीय क्षेत्र के अंतर्गत देवस्थली इंदौर से लगभग 48 किलोमीटर की दूरी पर है तथा आगरा बॉम्बे रोड पर स्थित है यह बारहमासी चंबल नदी यहां उद्गम होने के बाद 965 किलोमीटर लंबी यात्रा पूर्ण करती है तथा उत्तर दिशा की ओर गमन करते हुए धार उज्जैन रतलाम मंदसौर कोटा मुरैना भिंड होते हुए उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में अपनी यात्रा यमुना नदी में संपूर्ण करती है जान आप आओ तो सभी मौसम में जाने योग्य है परंतु बारिश के मौसम में जल नीचे के स्तर पर विचरण करते हैं तब जानापाव अपनी सुंदरता से आपका निश्चित मनमोहन लेगा 3 किलोमीटर की पैदल यात्रा में शिखर तक पहुंचे आप का साक्षात्कार मेघ राशि से होता है तो आप और हम तीनों निर्मल हो जाते हैं आपको प्रतीत होता है की यात्रा कितनी प्रीति करें और मुझे इस यात्रा के साथ-साथ एक भीतरी यात्रा का भी बहुत हो रहा है जानापाव एक पवित्र धार्मिक स्थल है जहां शिव मंदिर के साथ कामधेनु मंदिर धर्मावलंबियों को आकर्षित करता है निराकार ईश्वर में विश्वास या नास्तिक भी इस अनमोल प्राकृतिक धरोहर के दर्शन से पास में बंधे बिना नहीं रह पाएंगे

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