आज मिली बारिश मुझे रास्ते में
बूंदों के रास्ते, टप टप गिरते,
कुछ थोड़ी कुछ तेज होती नशे में.
जमीन को, पत्तियों को गीला करती
आज बारिश मिली मुझे रास्ते में.
सड़क पर बूंदों का नाच देखते
पेड़ खुशी से कहते नाचते में.
बारिश का हवन है आनंद,
आज मिली बारिश मुझे रास्ते में.
जो ठहरी बारिश तो ऐसे फैला इत्र,
मिट्टी की सौंधी महक नथनों में.
जैसे प्रकृति ने फेंका हो अनमोल,
आज मिली बारिश मुझे रास्ते में.
पौधों पेड़ों का रंग हरा ऐसे दिखे
सावन हो गया जीवंत निर्मल
धरा का ताप हुआ शांत
आज मिली बारिश मुझे रास्ते में.
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