गूगल डॉक्टर – एक अद्भुत विधा
डॉक्टर साहब 3 दिन से बुखार है मैंने पहले दिन पेरासिटामोल खा ली थी 2 दिन से बिल्कुल आराम नहीं है तो सोचा आपको भी दिखा दूं.
ओके
डॉक्टर साहब ने पूरा क्लिनिकल इतिहास जाना, लक्षण पूछे, शारीरिक परीक्षण किया. रक्तचाप, गले की जांच, पेट की तिल्ली-लीवर पैरों में सूजन आदि की जांच की और कहा वायरल फीवर प्रतीत होता है यह दर्द दवाई प्रारंभ कर दें .
पर्चा देखकर रोगी बोल उठा, अरे आपने तो इसमें मलेरिया की क्लोरोक्विन की गोली लिख दी है जबकि आपने खून की जांच तो कराई ही नहीं . मलेरिया पैरासाइट तो पहले पकड़ाई में आ जाए फिर क्लोरो की दवा लें
हां बेटा, आप जांच करा सकते हैं और उसके बाद दवाई शुरू कर सकते हैं लेकिन तब तक बुखार आपको अशक्त कर देगा डॉक्टर ने सलाह दी लेकिन मरीज फिर बोला,
….और आपने एंटीबायोटिक्स भी लिखे हैं जो मैं 3 दिन से खा रहा हूं.
डॉक्टर आश्चर्यचकित हुए, पूछ बैठे, किस डॉक्टर ने लिखी है और कौन सी एंटीबायोटिक खा रहे हैं आप.
अब रोगी ने कहा, नहीं नहीं किसी डॉक्टर को नहीं दिखाया था सर,
डॉक्टर ने पूछ ही लिया, अपने मन से ही दवाई प्रारंभ कर दी थी क्या
रोगी ने कहा नहीं सर गूगल पर पढ़ लिया था
यह एक छोटी कहानी है गूगल डॉक्टर की. सोशल मीडिया और इंटरनेट के युग में किस किस तरह के ज्ञानचंद और रायचंद से सामना होता है उसकी सही बानगी है गूगल डॉक्टर. गूगल डॉक्टर वह होता है जो किसी भी विषय विशेष की जानकारी गूगल या इन्टरनेट से एकत्र कर विषय – विशेषज्ञ के सामने यू फील देता है जैसे वह न केवल विषय विशेष की न केवल सैद्धांतिक बातें जानता है बल्कि प्रायोगिक बारीकियां भी वो उसके 5 इंच की स्क्रीन पर देख पढ़कर सीख आ गया है
सूचना के आसान उपायों की उपलब्धता से सुपर कंसलटेंट की भरमार हो गई है फील्ड कोई भी हो गूगल सर्च करके अर्ध सत्य का ज्ञान लेकर विषय-विशेषज्ञ के सामने प्रस्तुत होना इस कलयुग की घोर अवमानना है. सामान्य सिर दर्द में भी गूगल ज्ञान अर्जित कर सी.टी. स्कैन हेड की सलाह देने वाले सलाह-वीर अनगिनत उपलब्ध है. और गूगल डॉक्टर तो और भी अनमोल है चिकित्सा विज्ञान का जो पाठ्यक्रम छात्र 5 से 10 साल पढ़कर भी अनिश्चित चिकित्सा विज्ञान में 2 धन 2 का 4 के नियम का सदैव सिद्ध नहीं कर पाते उसे स्वयंभू गूगल डॉक्टर चंद पंक्तियां पढ़कर अपना पूरा ज्ञान उड़ेल कर सुपर कंसलटेंट साबित होने की कोशिश करते हैं. इस पर हर्बल औषधि मलहम तेल जूस के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं प्रिंट मीडिया पर विज्ञापन ने हर व्यक्ति को स्वयंभू चिकित्सक बनने पर मजबूर ही कर दिया है घुटने के दर्द की पुड़िया की दवाई टाइफाइड की दवाई पेट से पथरी ऑपरेशन निकालने का नाटक जहर उतारना नजर उतारना पीलिया उतारना जैसे कालजई उपायों से मानव हित कम मानव का हित कम अत्यधिक हुआ है कह सकते हैं कि महंगी मेडिकल सेवा के कारण यह हुआ है लेकिन चिकित्सा के महंगे होने के कारण महंगी मेडिकल शिक्षा सटीक डायग्नोसिस के लिए महंगे उपकरण वैधानिक लाइसेंसों की अनिवार्यता है और इतने जंजीरों से तो बेहतर है कि गूगल डॉक्टर ही बन जाए जोखिम लेने का खतरा गूगल ग्राम से कम हो जाएगा क्या गूगल ज्ञान की रही सही कसर over-the-counter मेडिसिन वितरण ने पूरी कर दी है जो दवा विक्रेता अपने सेल काउंटर से करते हैं मधुमेह उच्च रक्तचाप की औषधियां भी किराने की दुकान की भांति बिना डॉक्टरी सलाह पत्र के उपलब्ध हैं हाल तो इतना बुरा हो गया है कि बिना डॉक्टर की सलाह के बैठक लेते रहने से जीवाणु और विषाणु की एक राक्षसी खड़ी हो गई है जो साधारण दवाइयों से नियंत्रित नहीं होती है और नई औषधियों का रिसर्च कॉपीराइट उत्पादन मार्केटिंग कतई सस्ता नहीं पड़ता है देश में प्रशिक्षित निरंतर कमी बनी हुई है

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