कोई छोड़ता है क्या ……

….कोई छोड़ता है क्या

जीवन के रंग हो भले कड़वे,

मीठा बोलना, कोई छोड़ता है क्या!

सफलता पल्ले आये या नहीं,

मेहनत करना, कोई छोड़ता है क्या!

ज्ञान गंगा बहे कितनी भी,

हास्य करना , कोई छोड़ता है क्या!

धन, वैभव, यश हो न हो,

परिवार अपना, कोई छोड़ता है क्या!

लगती हो कड़वी भले,

सीख मां की, कोई छोड़ता है क्या!

भले मनमुटाव हो जो,

प्यार भाई से, कोई छोड़ता है क्या!

नेकी दरिया में डाल,

आस भले की, कोई छोड़ता है क्या!

दुखता है दिल हरदम,

तो दिल लगाना, कोई छोड़ता है क्या!

शरीर बुढा बुढा जाए,

मित्रसंग मस्ती, कोई छोड़ता है क्या!

चरित्र भला हो गर तेरा,

रंग चेहरे का, कोई पूछता है क्या!

भले नास्तिक तुम बड़े,

दाना पेट का, कोई रोकता है क्या !

मरने के डर से भला,

रात को सोना, कोई छोड़ता है क्या!

पानी पी, आगे बढ़,

बहते पानी को, कोई रोकता है क्या!

सुमन तू अर्पित कर,

खिलते फूल को, कोई तोड़ता है क्या!

सादर,

Elements

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